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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देहरादून: युवती को नहीं थी नशे की लत; नशा मुक्ति केंद्र में बनाया गया बंधक; मुकदमा दर्ज

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Tue, 08 Dec 2020 09:47 AM (IST)

देहरादून के एक नशा मुक्ति केंद्र में युवती को बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। इस पर नेहरू ...और पढ़ें

देहरादून: युवती को नहीं थी नशे की लत; नशा मुक्ति केंद्र में बनाया गया बंधक।
देहरादून: युवती को नहीं थी नशे की लत; नशा मुक्ति केंद्र में बनाया गया बंधक।

जागरण संवाददाता, देहरादून। देहरादून के एक नशा मुक्ति केंद्र में युवती को बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। इस पर नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने केंद्र के निदेशक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली के एक थाने में जीरो एफआइआर दर्ज की गई थी, जिसे अब नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस को ट्रांसफर किया गया है।

दरअसल, दिल्ली के मीतनगर शहादरा में रहने वाली युवती ने बीते नौ नवंबर को दिल्ली हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसकी सहेली को दून के मोहकमपुर स्थित गोल्डन ड्रीम सोसाइटी नशा मुक्ति केंद्र में जबरन रखा गया है, जबकि उसकी सहेली नशा नहीं करती है। 12 नवंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सुनवाई में पीड़ित युवती, उसकी मां,  भाई और केंद्र का निदेशक विकास बिष्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुए। 

पीड़त युवती ने कोर्ट को बताया कि वह किसी भी तरह का नशा नहीं करती है। उसे केंद्र में जबरन रखा गया है। केंद्र के निदेशक ने भी कोर्ट के समक्ष स्वीकार किया कि पीड़िता को किसी तरह के नशे की लत नहीं है। वह पीड़िता को 20 अक्टूबर से 12 नवंबर तक केंद्र में रखने का कारण भी नहीं बता सका। 

इस पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को केंद्र के निदेशक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि अगर नशा मुक्ति केंद्र दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता तो जीरो एफआइआर दर्ज कर मामले को संबंधित पुलिस थाने को ट्रांसफर किया जाए। नेहरू कॉलोनी थाने के इंस्पेक्टर राकेश गुसाईं ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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