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    उत्‍तराखंड में मिला विशालकाय किंग कोबरा, देखने वालों की थम गईं सांसें; तस्‍वीर देख आप भी कहेंगे OMG

    Updated: Sat, 12 Jul 2025 02:31 PM (IST)

    उत्तराखंड के देहरादून में 12 फीट लंबा किंग कोबरा मिलने से सनसनी फैल गई। कालसी वन प्रभाग की टीम ने सांप को रेस्क्यू किया। वर्षाकाल में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। वन विभाग ने कामन करैत समेत कई अन्य सांपों को भी रेस्क्यू किया है। चांदपुर में कामन करैत मिलने से अंडे होने की आशंका है। एक मॉनिटर लिजर्ड को भी रेस्क्यू किया गया।

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    12 फीट लंबा किंग कोबरा किया रेस्क्यू. Jagran

    जासं, विकासनगर। देहरादून जिले के कालसी वन प्रभाग़ की चौहड़पुर रेंज के अंतर्गत होरावाला रजौली से एक किंग कोबरा रेस्क्यू किया गया। जिसकी लंबाई लगभग 12 फुट से ज्यादा है। इतना विशालकाय सांप आंखों के सामने देख लोागाें की सांसें थम गईं। पछवादून में किंग कोबरा का यह तीसरा रेस्क्यू है, इससे पहले किंग कोबरा कुंजा व राजौली में रेस्क्यू किया गया था।

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    रेस्क्यू किए गए किंग कोबरा को रेंजर की देखरेख में चांदपुर बीट के आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा गया। रेंजर पंकज ध्यानी को सूचना मिली कि होरावाला अनुभाग के राजौली में एक घर में किंग कोबरा घुस गया है। रेंजर के नेतृत्व में वन दारोगा स्वाति, वन आरक्षी पवन उपाध्याय, वीरेंद्र, सर्प मित्र आदिल मिर्जा पहुंचे।

    घर के अंदर घुसे सांप को जब वन टीम ने देखा तो चौंक गयी। किंग कोबरा को रेस्क्यू करने में करीब दो घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। रेस्क्यू कर किंग कोबरा को चौहड़पुर रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा गया। किंग कोबरा का जलवा यह है कि इसे सांपों का राजा कहा जाता है, क्योंकि किंग कोबरा से ज्यादातर सांप डरते हैं, क्योंकि यह चूहों के अलावा सांपों को भी अपना शिकार बना लेता है।

    किंग कोबरा सबसे लम्बा विषधर सर्प है। इसकी लम्बाई 5.6 मीटर तक हो जाती है। यह सर्वाधिक खतरनाक सापों में से एक है। इसकी लंबाई 20 फिट तक हो सकती है। जहर मुख्य रूप से न्यूरोटॉक्सिक होता है, जो शरीर की केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाता है। बताया जाता है कि किंग कोबरा काटने पर एक बार में 400 से 600 मिलीग्राम तक जहर छोड़ता है।

    कामन करैत सांप था फुल लंबाई का

    विकासनगर। वर्षा काल में सांपों के निकलने का क्रम तेज हो गया है। कालसी वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज अंतर्गत संविदा कर्मी ने कामन करैत समेत चार सांपों को रेस्क्यू कर आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा। कामन करैत की पूरी लंबाई 4.6 फीट की होती है। चांदपुर में एक घर से फुल लंबाई का कामन करैत मिलने पर आसपास उसके अंडे होने की आशंका भी प्रबल हो गयी है। कामन करैत अधिक जहरीला सांप है। जुलाई माह में अब तक 20 सांपों को रेस्क्यू किया जा चुका है।

    चौहड़पुर रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत चांदपुर में एक घर में सांप घुस गया। मौके पर वन आरक्षी विपिन चौहान के साथ सर्प मित्र आदिल मिर्जा पहुंचे और जब सांप को रेस्क्यू किया तो वह कामन करैत था, जो पूरी लंबाई का सांप था। जिसके चलते आसपास के क्षेत्र में उसके अंडे होने की आशंका भी प्रबल हो गयी है। जिनको तलाश कराया जा रहा है।ताकि सांप के अंडों को आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जा सके।

    सर्प मित्र ने ग्राम पंचायत छरबा में एक घर से इंडियन रेट स्नेक सांप को रेस्क्यू किया। ग्राम पंचायत खुशहालपुर में एक घर से चेकर्ड कीलबैक सांप रेस्क्यू किया गया। ग्राम पंचायत केदारावाला रोड लक्ष्मीपुर में एक घर से इंडियन स्पेक्टाकल्ड कोबरा सांप का रेस्क्यू किया गया।

    सभी सांपों को आरक्षित वन क्षेत्र में रिलीज किया गया। पिछले कुछ माह के रेस्क्यू किए गए सांपों के आंकड़ें देखें तो जून माह में 60 सांप, अप्रैल में 31, मई में 44 सांपों को रेस्क्यू किया गया था। जबकि जुलाई माह में 20 सांप अभी तक रेस्क्यू किए जा चुके हैं। जिससे साबित हो रहा है कि वर्षा काल में सांपों के बिलों से निकलकर घरों में घुसने का क्रम तेज है।

    बता दें कि बता दें कि पछवादून में स्ट्रीट कीलबैक, कामन करैत, इंडियन स्पेक्टकल्ड कोबरा, फॉरेस्टन कैट, इंडियन रेट स्नेक, कापर हेड त्रिंकेंट, कामन करैत, धामन, कामन त्रिंकेंट, चेकर्ड कीलबैक, बफ धारीदार कीलबैक, कामन कुकरी, बैंडेड वुल्फ समेत करीब एक दर्जन से अधिक प्रजातियों के सांप बहुतायत में पाए जाते हैं।

    हरबर्टपुर से मानिटर लिजर्ड का किया गया रेस्क्यू

    विकासनगर: चौहड़पुर रेंज अंतर्गत हरबर्टपुर से सर्प मित्र ने एक मॉनिटर लिजर्ड का रेस्क्यू किया। मानिटर लिजर्ड घर में घुसने से सब लोग घबराकर घर से बाहर आ गए थे। किसी की भी हिम्मत भारी भरकम छिपकली को पकड़ने की नहीं हो रही थी। उसकी लपलपाती जीभ देखकर हर कोई घबरा रहा था। सर्प मित्र आदिल मिर्जा ने उसे रेस्क्यू कर आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा।