Updated: Fri, 29 Aug 2025 08:29 PM (IST)
पहाड़ों में भारी बारिश के कारण ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी रेखा पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती घाट जलमग्न हो गया है। पुलिस श्रद्धालुओं को सतर्क कर रही है और गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए आने वाले लोगों से सावधानी बरतने को कह रही है। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है अलर्ट जारी किया गया है।
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। पहाड़ों में अतिवृष्टि के कारण ऋषिकेश में गंगा उफान पर आ गई। चेतावनी निशान को पार कर गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई। त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती घाट जलमग्न हो गया। पुलिस श्रद्धालुओं को लगातार अलर्ट कर रही है। गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी सतर्कता बरतते हुए मूर्ति विसर्जन को कहा जा रहा है। अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में भी लगातार वर्षा का दौर जारी है।
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पहाड़ी जिलों में अतिवृष्टि के बाद गंगा की सहायक नदियां उफान पर आ गई हैं। इसका असर ऋषिकेश में भी देखा गया। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से नीचे था। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद धीरे-धीरे गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा। सुबह 11 बजे गंगा ने चेतावनी निशान (339.50 मीटर) को पार कर दिया। इसके बाद लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ता गया। शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 340.40 मीटर पर था।
गंगा में खतरे का निशान 340.50 मीटर पर है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती स्थल जलमग्न हो गया। पानी घाट के ऊपर तक पहुंच गया। त्रिवेणी घाट पर जिस जगह केंद्रीय जल आयोग का दफ्तर है, उसके घाट पूरी तरह पानी में डूब गए।
शिव-पावर्ती की मूर्ति स्थल से लोगों को आयोग कार्यालय और उसके आसपास के घरों, आश्रमों में जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग करना पड़ा। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही पुलिस भी सतर्क हो गई। पुलिस ने त्रिवेणी घाट व अन्य घाटों पर लोगों को सतर्क रहने को कहा।
त्रिवेणी घाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल स्तर बढ़ने पर लोगों को सतर्क किया गया।
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