देहरादून, [जेएनएन]: गणेश चतुर्थी 25 अगस्त को है और इस बार गणपति दस के बजाय 11 दिन तक विराजमान रहेंगे। पांच सितंबर को आनंद चतुर्दशी के दिन बप्पा की विदाई होगी। द्रोणनगरी में आधा दर्जन से ज्यादा गणेश महोत्सव होते हैं और घरों में भी गणपति बप्पा को लाया जाता है। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं और बाजार में बप्पा की आकर्षक मूर्तियां सजी हैं।

आचार्य सुशांत राज ने बताया कि चतुर्थी को गणपति भगवान की पूजा अर्चना से घर में संपन्नता, समृद्धि, सौभाग्य और धन का समावेश होता है। आचार्य संतोष खंडूड़ी ने बताया कि गणपति बप्पा की मूर्ति को घर लाएं और पवित्र स्थान पर स्थापित करें। फिर धूप, दीप, पान, सुपारी, नारियल और पान के पत्तों से 'ऊं गं गणपतये नम:' मंत्र का जाप करते हुए पूजन करें और आरती उतारें। गणेश भगवान को मोदक का भोग लगाएं।

 बप्पा को विराजमान करने का शुभ मुहूर्त

-25 अगस्त

-सुबह 11.06 से दोपहर 1.38 बजे तक 

 

हर दिन होगी भजन संध्या 

रविवार को गणेश महोत्सव सेवा समिति क्लेमेनटाउन की बैठक हुई। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि 25 अगस्त से चार सितंबर तक श्री शिव रघुनाथ मंदिर में महोत्सव होगा। प्रतिदिन भजन संध्या होगी और लोक कलाकार भी प्रस्तुति देंगे। महोत्सव के दौरान एक दिन रक्तदान शिविर भी आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर दिनेश जुयाल, राकेश जुयाल, महेश पांडे, मोहन जोशी, सुनील कुमार, विपिन ठक्कर, बिजेंद्र रावत, भूपेंद्र नेगी, प्रवीण गोयल आदि मौजूद रहे। 

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Posted By: Sunil Negi