देहरादून, जेएनएन। Ganesh Chaturthi 2020 गणेश चतुर्थी पर शनिवार को श्रद्धालुओं ने घरों में गणपति प्रतिमा स्थापित कर पूर्जा-अर्चना की। गणेश जी को मोदक और फल अर्पण किए गए। धूप-दीप जलाकर परिवार की खुशहाली की कामना की गई। शाम को मंदिरों में आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। वहीं, कोरोनाकाल के चलते इस बार गणेश उत्सव समितियों ने पांडाल नहीं सजाए हैं।

नगर परिक्रमा के बाद मन्नूगंज में प्रतिमा की स्थापित

युवा गणेश उत्सव समिति मन्नूगंज ने नगर परिक्रमा के बाद गणपति की प्रतिमा स्थापित की। समिति के संरक्षक मुकेश प्रजापति ने बताया कि प्रतिदिन सुबह नौ बजे, जबकि शाम को सात बजे आरती होगी। इस मौके पर सुमित साहनी, शम्मी प्रजापति, अजय, संजय ठाकुर, बिट्टू, अक्षित आदि रहे।

मंदिरों में गणेश संध्या पर भजनों की प्रस्तुति

पटेलनगर स्थित श्याम सुंदर मंदिर में शाम को गणोश संध्या का आयोजन किया गया। तजेंद्र हरजाई और संजू गुप्ता ने मेरे लाडले गणेश प्यारे-प्यारे, देवा मेरे गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन, गणपति राखो मेरी लाज, गौरा के लाल नू आदि भजनों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर मंदिर के मीडिया प्रभारी भूपेंद्र चड्ढा, गोविंद मोहन, गौरव कोहली, अवतार मुनियाल, चंद्रमोहन आनंद आदि मौजूद रहे।

वहीं, प्रेमनगर स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में गणोश युवा मंडल की ओर से प्रतिमा स्थापित की गई है। पंडित कृष्ण प्रसाद, राजू उपाध्याय ने भगवान गणेश की पूजा की। अनीता मल्होत्र ने भजन प्रस्तुत किए। इस मौके पर मंदिर समिति के प्रधान सुभाष माकिन, अवतार किशन कौल, रवि भाटिया, चेतन अरोड़ा, करण ओबराय, मन्नू भाटिया, हेमेंद्र, कांता आदि शामिल रहे। खुड़बुड़ा मोहल्ला स्थित श्री गणेश मंदिर में सुबह नौ बजे गणपति प्रतिमा का अभिषेक कर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया।

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कहीं चार तो कहीं सातवें दिन में होगा विसर्जन

10 दिनों तक चलने वाला गणेश चतुर्थी महोत्सव इस बार कोरोना के चलते सूक्ष्म होगा। गणेश महोत्सव और दशहरा कमेटी क्लेमेनटाउन के महासचिव मोहन जोशी ने बताया कि इस बार रघुनाथ मंदिर में प्रतिमा स्थापित की गई है। शाम के वक्त महिलाओं ने कीर्तन किए। 28 अगस्त को सातवें दिन विसर्जन कार्यक्रम होगा। गणेश उत्सव मंडल धामावाला सराफा बाजार के अध्यक्ष शंकर राव यादव ने बताया कि इस बार गणोश उत्सव तीन दिन का रहेगा। शाम सात बजे धामावाला में प्रतिमा स्थापित करने के बाद आरती हुई। सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे आरती के बाद टपकेश्वर स्थित तमसा नदी में प्रतिमा विसर्जति की जाएगी।

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