देहरादून, राज्य ब्यूरो। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में गैरसैंण का मुद्दा सदन के भीतर और बाहर सियासी माहौल को गरमाने जा रहा है। इस मुद्दे ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को भी सामने ला दिया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के गैरसैंण में प्रस्तावित धरना कार्यक्रम मामले में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश की टिप्पणी उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा को नागवार गुजरी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के कार्यक्रम के बारे में प्रदेश के नेताओं को जानकारी न होना अफसोसनाक है। 

गैरसैंण को लेकर बुधवार से प्रारंभ हो रहे विधानसभा सत्र में हंगामा तकरीबन तय है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत खेमा इसे मुद्दा बनाने जा रहा है। गैरसैंण में इस वर्ष विधानसभा का सत्र नहीं कराए जाने को मुद्दा बनाकर हरीश रावत बुधवार को गैरसैंण में धरना देंगे। मीडिया से बातचीत में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता इंदिरा हृदयेश ने गैरसैंण मामले में सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में विधान भवन बनकर तैयार है, ऐसे में यह सरकार को तय करना है कि वहां कौन सी राजधानी हो और कौन सा सत्र चलाया जाए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गैरसैंण में सत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष से भी चर्चा करने के सवाल पर उन्होंने ऐसी किसी तरह की बातचीत से इन्कार कर दिया। गैरसैंण में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के धरना देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें समाचार पत्र के माध्यम से यह जानकारी मिली। उनकी इस टिप्पणी पर विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा ने प्रदेश में पार्टी का नेतृत्व कर रहे नेताओं को निशाने पर लिया।  

नेता प्रतिपक्ष पर झूठ बोल रही भाजपा

हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत खुद गैरसैंण के मामले में इंदिरा हृदयेश के साथ दिखे। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा कि भाजपा अपना गैरसैंण विरोधी रवैया छिपाने के लिए नेता प्रतिपक्ष की गैरसैंण में सत्र नहीं कराने पर सहमति को लेकर बड़ा झूठ बोल रही है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में सरकार को ललकारने के लिए बहुत लोग हैं। पार्टी विधायकों को यहां नहीं आने को कहा गया है, ताकि वे विधानसभा में जनता के मुद्दों को उठाएं।  

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गैरसैंण में व्यवस्थाएं मुकम्मल: स्पीकर

वहीं गैरसैंण में विधानसभा सत्र के लिए व्यवस्थाओं के सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि वहां तमाम व्यवस्थाएं मुकम्मल है। आवासीय भवन व सड़क तैयार है। कहीं कोई कमी नहीं है। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी वहां सत्र चलाया जा सकता है। कोई कमी है तो उस संबंध में सुझाव दिए जा सकते हैं। हरीश रावत के धरने के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य में धरना-प्रदर्शन को छोड़कर सभी को विकास के लिए साथ आना चाहिए।

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