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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव से पौने छह लाख रुपये की ठगी, केवाईसी अपडेट करने के नाम पर जाल में फंसाया

By Sunil NegiEdited By:
Published: Wed, 29 Sep 2021 08:13 AM (IST)

उत्‍तराखंड में साइबर ठगी के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। इस बार साइबर ठगों ने उत्तराखंड के ...और पढ़ें

ठगों ने सिमकार्ड की केवाइसी अपडेट करवाने के नाम पर पूर्व मुख्य सचिव से पौने छह लाख रुपये ठग लिए।
ठगों ने सिमकार्ड की केवाइसी अपडेट करवाने के नाम पर पूर्व मुख्य सचिव से पौने छह लाख रुपये ठग लिए।

जागरण संवाददाता, देहरादून। साइबर ठगों ने सिमकार्ड की केवाइसी अपडेट करवाने के नाम पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव से पौने छह लाख रुपये ठग लिए। उनकी पत्नी की शिकायत पर राजपुर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। उत्तराखंड के मुख्य सचिव रह चुके मधुकर गुप्ता दून में मसूरी रोड पर रहते हैं। उनकी पत्नी मृगांका गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका एसबीआइ की जाखन स्थित शाखा में संयुक्त खाता है।

इसी 20 सितंबर को पूर्व मुख्य सचिव के मोबाइल नंबर पर एक मैसेज आया। जिसमें 24 घंटे के भीतर केवाईसी अपडेट नहीं कराने पर सिमकार्ड ब्लाक करने की जानकारी दी गई। मैसेज में एक मोबाइल नंबर भी था, जिस पर सर्विस जारी रखने के लिए संपर्क करने को कहा गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि इन दिनों पूर्व मुख्य सचिव का स्वास्थ्य खराब चल रहा है। ऐसे में सिम बंद होने पर असुविधा न हो, इसलिए उन्होंने मैसेज में दिए गए फोन नंबर पर काल कर दिया। काल रिसीव करने वाले शख्स ने खुद को एयरटेल कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि केवाईसी अपडेट करने के लिए सत्यापन करना होगा। इसके लिए एंड्रायड डिवाइस की जरूरत होगी। पूर्व मुख्य सचिव एंड्रायड मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं करते हैं, ऐसे में उन्होंने आरोपित को पत्नी का मोबाइल नंबर दे दिया। उस पर आरोपित ने एक लिंक भेजा और उसके जरिये उनके मोबाइल में क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करवाया।

इसके बाद आरोपित ने पूर्व मुख्य सचिव से रिचार्ज क्यूब के माध्यम से प्रारंभिक फीस के नाम पर अपने खाते में आनलाइन दस रुपये मंगवाए। फीस जमा करने के बाद आरोपित ने पूर्व मुख्य सचिव से उनके डेबिट कार्ड व इंटरनेट बैंकिंग की गोपनीय जानकारी फोन पर टाइप कर उसकी फोटो खींचकर भेजने को कहा। इसके साथ ही आरोपित ने यह भी कहा कि इसके बाद उन्हें मोबाइल पर कुछ संदेश प्राप्त होंगे, उनका भी फोटो खींचकर भेज दें। थोड़ी देर ओटीपी का मैसेज आया। पूर्व मुख्य सचिव ने मैसेज का फोटो भेजने से इन्कार किया तो आरोपित ने उन्हें आश्वस्त किया कि दस रुपये के अलावा उनके खाते से कोई धनराशि नहीं कटेगी। इसके साथ ही केवाईसी अपडेट हो जाएगी। ओटीपी व अन्य जानकारियों का फोटो खींचकर भेजने के बाद पूर्व मुख्य सचिव के खाते से चार बार में आरोपित ने पौने छह लाख रुपये निकाल लिए।

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