देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: त्रिवेंद्र रावत मंत्रिमंडल ने राज्य के पांच हजार होमगा‌र्ड्स को प्रति दिन 50 रुपये मानदेय वृद्धि का तोहफा दिया है। यह दीगर बात है कि नौ राज्यों में सिर्फ पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश को छोड़कर उत्तराखंड में होमगार्डो को सबसे कम मानदेय मिल रहा है। हिमाचल, दिल्ली, पंजाब और गोवा ऐसे राज्य हैं, जहां होमगा‌र्ड्स को मानदेय के साथ महंगाई भत्ता भी दिया जा रहा है। मंत्रिमंडल के फैसले के बाद उत्तराखंड में होमगार्डो को अब प्रतिदिन 450 रुपये मानदेय मिलेगा। 

होमगार्डो को प्रतिदिन मानदेय पड़ोसी राज्य हिमाचल में 571 रुपये, दिल्ली में 673 रुपये, पंजाब में 972 रुपये, मध्यप्रदेश में 706 रुपये, राजस्थान मं 693 रुपये, तेलंगाना में 675 रुपये व गोवा में 626 रुपये दिया जा रहा है। उत्तरप्रदेश में उन्हें 375 रुपये प्रतिदिन मानदेय का भुगतान किया जाता है। गौरतलब है कि होमगार्डो को पुलिस के समान वेतन की मांग को हाईकोर्ट से झटका लग चुका है। हाईकोर्ट 17 अप्रैल, 2018 के अपने आदेश में कह चुका है कि पुलिस कांस्टेबल और होमगा‌र्ड्स के कार्य व दायित्व की तुलना नहीं की जा सकती। साथ ही राज्य के आर्थिक संसाधन भी सीमित हैं। होमगा‌र्ड्स राज्य में पुलिस के सहायक के तौर पर काम कर रहे हैं। 

राज्य में फिलवक्त आंतरिक सुरक्षा में 2330, सरकारी कार्यालयों में 1000, सार्वजनिक संस्थाओं में 690 और चार धाम यात्रा में 985 होमगार्ड कार्यरत हैं। राज्य में कार्यरत पांच हजार होमगार्डो को पुलिस के समान वेतन देने की स्थिति में राज्य के सरकारी खजाने पर सालाना 65.61 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ता। उद्यम परिषद में नामित होंगे सदस्य राज्य में अध्यक्ष समेत चार सदस्य उत्तराखंड राज्य सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम परिषद में नामित किए जा सकेंगे।

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड राज्य सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम सुकरता परिषद नियमावली को हरी झंडी दिखा दी। केंद्र सरकार के मॉडल एक्ट के मुताबिक गठित इस परिषद के अध्यक्ष पद पर उद्योग निदेशक को नामित किया जा सकेगा। अध्यक्ष समेत परिषद में तीन से पांच सदस्यों की नियुक्ति की जा सकेगी।

राज्य से बाहर जा सकेगा 

खनिज उत्तराखंड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियमावली में संशोधन को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद अब नदियों के उपखनिजों (आरबीएम) को राज्य से बाहर भी बिक्री के लिए ले जाया जा सकेगा। उत्तराखंड सेवानिवृत्तिक लाभ अधिनियम में संशोधन कर मंत्रिमंडल ने अधिनियम में रह गई लिपिकीय त्रुटि को दूर करने का निर्णय लिया है। विधायी में होगा सेवा स्थानांतरण वहीं सचिवालय सेवा के कार्मिक अब विधायी प्रकोष्ठ में सृजित उप सचिव विधि आलेखन, अनुसचिव विधि आलेखन के एक-एक और अनुभाग अधिकारी के दो पदों पर सेवा स्थानांतरण अथवा प्रतिनियुक्ति पर तैनात हो सकेंगे। 

इसके लिए उत्तराखंड सचिवालय, विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग (विधायी प्रकोष्ठ) के तकनीकी पदों की सेवा नियमावली में संशोधन पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगाई। असाधारण पेंशन पात्रता तय पुलिस असाधारण पेंशन नियमावली में संशोधन कर मंत्रिमंडल ने असाधारण पेंशन के लिए पात्रता तय कर दी हैं। ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान गाड़ी की चपेट में आने या सड़क दुर्घटना या हृदयाघात से मृत्यु को सामान्य ड्यूटी ही माना जाएगा। 

डाकुओं, अपराधियों, विदेशी शत्रुओं, आतंकियों, नक्सलियों के हमले या मुठभेड़, भीड़ को नियंत्रित करने, प्राकृतिक आपदा, आग बुझाने में जनता की रक्षा करते हुए मृत्यु को असाधारण माना जाएगा। आयोग में भी भर्ती आयु 42 वर्ष अब राज्य लोक सेवा आयोग में सहायक समीक्षा अधिकारी व समीक्षा अधिकारी के पदों पर भर्ती की अधिकतम आयु सीमा को बढ़ाकर 42 वर्ष किया गया है।

इस संबंध में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग सहायक समीक्षा अधिकारी व समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। उप्र को बदरीनाथ में भूमि मंत्रिमंडल ने उत्तरप्रदेश के पर्यटन विभाग को बदरीनाथ धाम में 0.401 हेक्टेयर भूमि अतिथियों के ठहरने के लिए देने पर हामी भर दी। इसके शुल्क के रूप में दो करोड़ 59 लाख 41 हजार रुपये लिए जाएंगे।

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