देहरादून में अस्पताल से लेकर होटलों तक विराजमान 'कालनेमि', ऐसे बनाते हैं शिकार
हल्द्वानी और देहरादून में कालनेमि नामक धोखेबाज सक्रिय हैं जो मनचाहा प्यार और भूत-प्रेत बाधा के नाम पर लोगों को ठगते हैं। वे अस्पतालों में मरीजों को ठीक करने का दावा करते हैं और व्हाट्सएप के माध्यम से धोखाधड़ी करते हैं। पुलिस ने पहले भी इनके खिलाफ अभियान चलाया था लेकिन अब फिर से कार्रवाई करने की तैयारी में है।

अंकुर अग्रवाल, जागरण देहरादून। शिक्षा का हब माने जाने वाले पढ़े-लिखे लोगों के शहर दून में ऐसे अस्पतालों के बाहर से लेकर चौक-चौराहों और होटलों तक में कई 'कालनेमि' सक्रिय हैं।
शहरभर में इनके बैनर-पोस्टर तक लगे रहते हैं, जिनमें यह मनचाहा प्यार दिलाने, सौतन से छुटकारा दिलाने, भूत-प्रेत बाधा का उपचार और मरीज के स्वस्थ होने की पूजा-पाठ या नजर उतारने के नाम पर भोले-भाले लोगों को लाखों की चपत लगा रहे हैं।
यही नहीं, दून में कुछ ऐसे मामले भी सामने आ चुके हैं, जब ऐसे फर्जी और ढोंगी बाबा व तांत्रिक के जाल में फंसकर महिलाएं अस्मत तक लुटा चुकी हैं।
शहर में दून अस्पताल से लेकर दून चौक, कनक चौक, प्रिंस चौक, गांधी पार्क, राजपुर रोड, घंटाघर, चकराता रोड, त्यागी रोड और रेलवे स्टेशन आदि ऐसे प्रमुख स्थान हैं, जहां चौक-चौराहों से लेकर होटलों तक तांत्रिक व बाबा अपना ठीया लगाए बैठे नजर आते हैं।
यह बात अलग है कि पुलिस-प्रशासन की निगाह इन पर कभी नहीं पड़ती। यह धड़ल्ले से बैनर, पोस्टर या बोर्ड लगाकर अपना प्रचार भी करते हैं, जिनमें इनके फोन नंबर के साथ यह तक बताया जाता है कि यह किस चीज का शर्तिया काम करते हैं। आमजन इनके इसी जाल में फंस जाता है और यह ठगकर फरार हो जाते हैं।
पिछले साल ही त्यागी रोड पर एक बाबा के जाल में फंसी युवती ने अपनी इज्जत तक गवां दी थी, जिस पर फर्जी बाबा के विरुद्ध दुष्कर्म का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। पिछले दिनों ऐसा मामला भी सामने आ चुका है, जब दून अस्पताल में भर्ती मरीज को तंत्र-मंत्र के जरिये ठीक करने का झांसा देते हुए एक फर्जी बाबा ने तीमारदार से हजारों रुपये ठग लिए थे। यह फर्जी बाबा अस्पताल के भीतर तक पहुंच गया था।
वाट्सएप पर चला रहे धंधा, मतांतरण का भी संदेह
सूत्रों की मानें तो अब पुलिस से बचने के लिए अधिकांश फर्जी बाबा व तांत्रिकों ने अपना तरीका बदल लिया है। अब यह मोबाइल फोन पर वाट्सएप के जरिये अपना धंधा चला रहे हैं। उन्होंने लोगों को फंसाने के लिए अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग नामों से खाते भी खुलवाए हुए हैं।
संदेह यह भी है कि कुछ फर्जी बाबा इसकी आड़ में मतांतरण का धंधा भी चला रहे हैं। इनकी शिकार ज्यादातर युवतियां होती हैं, जो प्यार या काम में असफल या फिर घरवालों से अनबन के कारण इनके जाल में फंस जाती हैं।
मुहब्बत में नाकाम, एक घंटे में इलाज
शहर में एक फर्जी बाबा ने मुहब्बत में नाकाम लोगों को एक घंटे में वापिस प्यार दिलाने जैसे विज्ञापन लगाए हुए हैं। बाबा का दावा है कि वह कोई फीस नहीं लेता, बस छोटी पूजा कराता है। इसके खर्च के लिए अकाउंट नंबर दिया जाता है और उसमें 20 से 25 हजार रुपये डलवाए जाते हैं।
रकम जमा कराने के बाद जब काम नहीं होता तो बाबा मामले को टेढ़ा बताते हुए बड़ी पूजा कराने की बात कहता है और कुछ रुपये और जमा कराने को कहता है। ऐसे करके लोग जाल में फंसकर मोटी रकम गवां देते हैं।
पिछले साल ही एसटीएफ ने दबोचा था सुलेमान
एसटीएफ ने पिछले साल ही 15 हजार के इनामी फर्जी तांत्रिक सुलेमान बाबा को मधुविहार, दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उसने हरिद्वार की महिला को घरेलू परेशानी तंत्र-मंत्र से दूर करने का झांसा देकर 40 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। इसके बाद वह फरार हो गया था। जांच में पता चला कि वह फर्जी नाम, तंत्र मंत्र के नाम पर कई लोगों से लाखों की ठगी कर चुका है। ठगी के रुपयों से उसने दिल्ली के रिहायशी इलाके में करोड़ों का फ्लैट खरीदा हुआ था।
वर्ष-2012 में चला था पुलिस का अभियान
पुलिस ने दून शहर में वर्ष-2012 में फर्जी तांत्रिक व बाबा की गिरफ्तारी को अभियान चलाया था। उस दौरान कई मामले लगातार सामने आए थे। दो मामलों में तो एक युवक व बच्ची की जान तक चली गई।
रायपुर क्षेत्र में फर्जी तांत्रिक ने बीमार बच्ची के उपचार के नाम पर उसे गर्म चिमटे से मारा था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने घंटाघर, दर्शनलाल चौक, प्रिंस चौक, गांधी रोड, तहसील रोड आदि पर बैठे कालनेमि की धरपकड़ कर शहर को इनसे मुक्त कराया था, लेकिन बाद में उचित कार्रवाई न होने से इनका धंधा फिर शुरू हो गया।
मुख्यमंत्री की ओर से आपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं, ऐसे में अब दून में पुलिस और एसओजी की एक दर्जन टीमें गठित कर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। ऐसे लोगों की धरपकड़ की जाएगी जो तंत्र-मंत्र के नाम पर आमजन को ठगने या मतांतरण का कार्य कर रहे हैं। - अजय सिंह, एसएसपी
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