धमाकों से सहम जाते हैं और नींद तक नहीं आती, मिडिल ईस्ट में फंसे दूनवासी अपनों संग साझा कर रहे पीड़ा
अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले और ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है।

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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सुमित थपलियाल, देहरादून। अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में जगह-जगह बम धमाकों से तनाव लगातार बढ़ रहा है।
देहरादून जिले से कई लोग मिडिल ईस्ट के देशों में नौकरी करते हैं। वहां हो रहे धमाकों से वो सहमे हुए हैं। धमाकों और बम गिरने की आशंका से नींद तक उड़ी है। स्वजन उनके सुरक्षित रहने और सकुशल घर वापसी की दुआ मांग रहे हैं।
डालनवाला निवासी जान जैदी के चचेरे भाई कमाल और अली ईरान में हैं। जान जैदी के मुताबिक भाई दहशत में हैं। धमाकों के बीच नींद नहीं आ रही है। कब कहां बम गिर जाए, इसका डर बना हुआ है।
जान जैदी ने बताया कि कमाल और अली वहां पढ़ाई करने गए हैं। लगातार बमबारी के बीच स्वजन काफी चिंतित हैं। कई बार संपर्क नहीं होने पर स्वजन की चिंता बढ़ रही है।
दोनों भाई ईरान के मौजूदा हालात स्वजन को साझा कर रहे हैं। उनके मुताबिक बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।
फल, सब्जी और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थ स्टोर किया है। स्वजन उनकी घर वापसी की दुआ कर रहे हैं।
फ्लाइट जाएगी या नहीं इसलिए, बढ़ रही चिंता
देहरादून। जोगीवाला निवासी शिवम कतर में एक कंपनी में कार्य करते हैं। अभी वो कुछ दिनों के लिए दून आए थे। इस बीच अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष से गल्फ देशों की कई फ्लाइट कैंसिल हैं।
उन्हें पांच मार्च को कतर जाना है और सात से उनकी वहां ड्यूटी है। शिवम को उम्मीद है कि हालात जल्द ठीक हो जाएंगे। वहां की सरकार भारतीयों के साथ पूरा सहयोग करती है।
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