उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के पार्किंग शुल्क में वृद्धि, आइएसबीटी पर देनी होगी ढाई गुना ज्यादा फीस
देहरादून में एमडीडीए ने उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के पार्किंग शुल्क में भारी वृद्धि की है जिसके तहत शुल्क को 120 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है और 18% जीएसटी भी लगाया गया है। यह वृद्धि 1 सितंबर से लागू होगी। इस फैसले का कर्मचारी यूनियन विरोध कर रही है और शुल्क वृद्धि को वापस लेने की मांग कर रही है।

जागरण संवाददाता, देहरादून। भारी विरोध और करीब डेढ़ साल के इंतजार के बाद मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून आइएसबीटी से संचालित होने वाली उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के पार्किंग शुल्क में वृद्धि कर दी है। नया शुल्क एक सितंबर से लागू होगा।
एमडीडीए सचिव की ओर से दिए गए आदेश में उत्तराखंड परिवहन निगम की जिन बसों का शुल्क पहले 120 रुपये था, उसे बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है। इस शुल्क में 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से देना होगा। यानी, उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों को पहले ट्रिप के लिए 286 रुपये प्रवेश शुल्क देना होगा। यह शुल्क आइएसबीटी के अंदर चार घंटे पार्किंग के लिए मान्य होगा, इसके बाद शुल्क की दरें और बढ़ जाएंगी।
बता दें कि, एमडीडीए ने बस अड्डे की पार्किंग शुल्क में वृद्धि अप्रैल-2024 में की थी। जिसमें उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के अलग दरें जबकि दूसरे राज्यों की परिवहन निगम की बसों के लिए अलग दरें तय की गई थी।इस शुल्क का उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों ने भारी विरोध किया और हड़ताल की चेतावनी तक दे डाली।
बाद में परिवहन सचिव के आदेश पर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों की शुल्क वृद्धि पर रोक लगा दी गई, जबकि दूसरे राज्यों की बसों से बढ़ा हुआ शुल्क वसूला जाने लगा। शासन ने उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के पार्किंग शुल्क को लेकर समिति गठित की थी, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद अब एमडीडीए ने शुल्क दरें जारी कर दी हैं।
दरअसल, आइएसबीटी का संचालन पहले रैमकी कंपनी करती थी। तब समस्त परिवहन निगमों की बसों से चार घंटे तक के लिए 120 रुपये जबकि चार घंटे से 24 घंटे तक के पार्किंग शुल्क के तौर पर 240 रुपये लिए जाते थे। अगस्त-2023 में करार पूरा होने के बाद रैमकी कंपनी बाहर हो गई और एमडीडीए ने आइएसबीटी का संचालन अपने हाथों में ले लिया। एमडीडीए ने यह शुल्क न केवल बढ़ाया है, बल्कि इस शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त भी लगा दिया है। पहले बसों से शुल्क पर जीएसटी नहीं लिया जाता था।
नई व्यवस्था के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों को पहले ट्रिप पर जीएसटी के साथ 286 रुपये और दूसरे ट्रिप पर 177 रुपये शुल्क देना होगा। तीसरे व चौथे ट्रिप पर 118 रुपये शुल्क देना होगा। दूसरे राज्यों के परिवहन निगम की बसों का शुल्क 480 रुपये है, जो जीएसटी के साथ 566 रुपये शुल्क अप्रैल-2024 से वसूला जा रहा है। वहीं, शुल्क की दरों में वृद्धि का विरोध करते हुए उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने वृद्धि तत्काल वापस लेने की मांग की है।
एक सितंबर से यह होगा नया शुल्क
- शार्ट स्टे (0 से चार घंटे तक)
- ट्रिप संख्या, उत्तराखंड परिवहन निगम, अन्य परिवहन निगम
- प्रथम ट्रिप, 250 रुपये, 480 रुपये
- द्वितीय ट्रिप, 150 रुपये, 300 रुपये
- तृतीय ट्रिप, 100 रुपये, 200 रुपये
- चतुर्थ ट्रिप, 100 रुपये, 200 रुपये
- लांग स्टे (चार घंटे से 24 घंटे तक)
- ट्रिप संख्या, उत्तराखंड परिवहन निगम, अन्य परिवहन निगम
- प्रथम ट्रिप, 375 रुपये, 700 रुपये
- द्वितीय ट्रिप, 225 रुपये, 450 रुपये
- तृतीय ट्रिप, 150 रुपये, 300 रुपये
- चतुर्थ ट्रिप, 150 रुपये, 300 रुपये
(नोट: इस शुल्क में 18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त देय होगा।)
आइएसबीटी में बसों का पार्किंग शुल्क पिछले वर्ष अप्रैल में बढ़ा दिया गया था, लेकिन उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों पर यह वृद्धि शासन के निर्देश पर लागू नहीं हुई थी। एमडीडीए ने आइएसबीटी का स्वामित्व व इसका संचालन जिस समय से अपने अधीन लिया है, उसके बाद बड़ी धनराशि खर्च कर इसका सुधारीकरण व सौंदर्यकरण का कार्य कराया गया है। उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के शुल्क को लेकर समिति गठित की गई थी, जिसके आधार पर नया शुल्क लागू किया गया है। - बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए
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