देहरादून, जेएनएन। दून मेडिकल कॉलेज में कार्यरत नॉन टीचिंग पैरामेडिकल व नर्सिग संवर्ग के 31 संविदा कर्मचारियों के सेवा विस्तार पर पेंच फंस गया है। विडंबना यह कि कर्मचारी छह माह से बिना वेतन ही काम कर रहे हैं। ऐसे में इनकी दीवाली अंधकारमय होती दिख रही है। 

दरअसल, दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नॉन टीचिंग पैरामेडिकल व नर्सिग संवर्ग के 57 कर्मचारी कार्यरत हैं। जिनमें 31 कर्मचारियों की संविदा फरवरी से जून के बीच खत्म हो गई थी, लेकिन इनसे निरंतर सेवाएं ली जा रही हैं। 

अगस्त में सेवा विस्तार एवं बकाया भुगतान की माग को कर्मियों ने आदोलन किया था। जिस पर कॉलेज प्रबंधन ने तीन माह का वेतन जारी कर शासन से इस संबंध में बात कर मामले का हल निकालने की बात कही थी। पर वेतन दो माह का ही जारी किया गया। अब सचिव डॉ. पंकज पाडेय ने एक आदेश किया है, पर इसमें कार्मिक विभाग के गत वर्ष के शासनादेश के तहत ही कार्रवाई के निर्देश हैं। 

जिसके तहत कोई अफसर बिना शासन की अनुमति के संविदा, दैनिक वेतन व आउटसोर्स से नई नियुक्तिया नहीं कर सकता है। ऐसा करने पर उनके वेतन या पेंशन से वसूली की जाएगी। अब क्योंकि उक्त कर्मचारियों की सर्विस ब्रेक हो चुकी है, प्राचार्य ने किसी भी तरह की कार्रवाई से हाथ खींच लिए हैं। वहीं, 

गुरुवार को अफसरों से मिले कर्मियों का कहना था कि उनकी नई नियुक्तिया नहीं हो रही हैं। वह पुराने कर्मचारी हैं और उन्हें सेवा विस्तार दिया जा सकता है। वहीं शासन ने भी माना है कि पाच माह का बकाया वेतन देना ही चाहिए।

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डॉ. आशुतोष सयाना (प्राचार्य, दून मेडिकल कॉलेज) का कहना है कि सेवा विस्तार को लेकर तकनीकी दिक्कत आ रही है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक और शासन से इस विषय पर दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। स्थिति स्पष्ट होने पर सेवा विस्तार दिया जाएगा। जल्द ही वेतन भी जारी कर दिया जाएगा। 

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