जागरण संवाददाता, देहरादून। सात फरवरी को रोज डे के साथ शुरू हुआ प्रेम का सप्ताह (वेलेंटाइन वीक) रविवार को वेलेंटाइन डे यानी प्यार के इजहार के दिन के साथ अंजाम पर पहुंच गया। दिनभर पूरा दून प्यार के उल्लास में डूबा रहा। उत्साह से लबरेज दूनवासियों ने अपने प्रिय को जज्बातों से रूबरू कराने के साथ ही जीवनभर साथ निभाने का वादा किया। शहर के बाजार, पार्क और रेस्तरां प्रेमी युगलों व मित्रों की टोली से लकदक रहे। जो लोग कोरोना या अन्य किसी वजह से अपने प्रिय से नहीं मिल सके, उन्होंने वीडियो कॉल व संदेश के जरिये एक-दूसरे तक अपने दिल की बात पहुंचाई। 

आठ दिन से लोग अपने प्रेम को मुकम्मल करने के लिए इस दिन का इंतजार कर रहे थे। शनिवार की रात इस उधेड़बुन में करवटें बदलते बीती कि कितनी जल्दी सूरज की आंख खुले और अपने प्रिय का दीदार कर उसे हाल-ए-दिल से रूबरू कराया जा सके। सुबह होने के साथ ही उल्लास परवान चढऩे लगा। छुट्टी का दिन होने से इसमें चार चांद लग गए। खुशनुमा मौसम भी अपने वासंती मिजाज के साथ इस उल्लास में रंग भर रहा था। इस दिन को खास बनाने के लिए सभी ने अपने हिसाब से तैयारी कर रखी थी। 

कोई खूबसूरत वादियों में लांग ड्राइव पर निकला तो कोई रेस्तरां आदि में पार्टी में व्यस्त नजर आया। इस दिन को खास बनाने के लिए सभी ने अपने वेलेंटाइन को उपहार भी भेंट किए। इसके चलते गिफ्ट गैलरियों में भी खासी भीड़ नजर आई। वहीं, वेलेंटाइन डे के विरोध को देखते हुए पुलिस भी अलर्ट मोड पर रही। पार्कों समेत अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विवाद न हो, इसके लिए इन जगहों पर पुलिस बल तैनात रहा। 

पिछले वर्षों के मुकाबले कम रही रौनक

कोरोना का साया प्रेम के पर्व पर भी नजर आया। बाजारों में रौनक तो दिखी, मगर पिछले वर्षों के मुकाबले कुछ फीकी थी। चकराता रोड स्थित एक गिफ्ट गैलरी के संचालक नदीम ने बताया कि इस साल कम लोग गिफ्ट लेने पहुंचे। बीते कुछ वर्षों से तुलना करें तो इस साल उपहारों की बिक्री 30 फीसद तक कम रही। 

वेलेंटाइन डे के विरोध में प्रदर्शन

भैरव सेना, राष्ट्रीय बजरंग दल, हिंदू युवा वाहिनी, नरेंद्र मोदी सेना और ङ्क्षहदू भगवा वाहिनी ने शहरभर में वेलेंटाइन डे के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की। इन संगठनों ने शहर में वेलेंटाइन डे के विरोध में बाइक रैली भी निकाली। संगठन के सदस्य राजपुर रोड, मालदेवता, रायपुर, प्रेमनगर और हरिद्वार रोड पर प्रेमी जोड़ों को खोजते नजर आए। भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने कहा कि वेलेंटाइन डे सनातन संस्कृति के मुंह पर तमाचा जैसा है। पश्चिमी सभ्यता का कोई भी आयोजन देवभूमि में स्वीकार्य नहीं है। 

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Edited By: Raksha Panthri