देहरादून, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं मंत्रियों मदन कौशिक, हरक सिंह रावत और सुबोध उनियाल समेत बीते शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में मौजूद शासन के सभी अधिकारियों को सोमवार शाम जिलाधिकारी देहरादून की रिपोर्ट में लो रिस्क करार दिया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर कामकाज की छूट मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री एवं तीनों मंत्रियों ने सावधानी बरतते हुए सेल्फ क्वारंटाइन में ही रहने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह भी डीएम की रिपोर्ट के बाद ही देर शाम सचिवालय पहुंचे।

काबीना मंत्री सतपाल महाराज की कोरोना जांच रिपोर्ट रविवार को पॉजिटिव आने के बाद सरकार में खलबली मच गई थी। महाराज बीते रोज ही एम्स ऋषिकेश में भर्ती हो गए थे। बीती 29 जून को कैबिनेट बैठक में महाराज भी शामिल हुए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं उक्त तीनों मंत्रियों ने सेल्फ क्वारंटाइन करने का निर्णय लिया था। सरकार ने यह तय किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक जिलाधिकारी देहरादून की रिपोर्ट के आधार पर ही सीएम और मंत्रियों के साथ ही बैठक में मौजूद शासन के अधिकारियों व कर्मचारियों को क्वारंटाइन करने या अन्य बंदोबस्त के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। 

हालांकि बीती रात्रि स्वास्थ्य महकमे ने केंद्रीय गाइडलाइन का हवाला देते हुए कैबिनेट बैठक में काबीना मंत्री महाराज के बेहद करीब जाने वाले और उनके संपर्क में आने वालों का हाई रिस्क और लो रिस्क के आधार पर आकलन करने की बात कही थी। इसी आधार पर महकमे ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों को लो रिस्क में करार देते हुए क्वारंटाइन नहीं करने और उनके कामकाज करने पर स्थिति साफ कर दी थी। सोमवार को जिलाधिकारी की रिपोर्ट में यही जिक्र होने से सरकार ने राहत की सांस ली। 

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने भी सोमवार को सचिवालय आने से गुरेज किया। रिपोर्ट मिलने के बाद ही देर शाम करीब सात बजे उन्होंने सचिवालय पहुंचकर कामकाज निपटाया। मुख्य सचिव ने कहा कि डीएम की रिपोर्ट के अनुसार लो रिस्क में आने वाले सभी अपना कामकाज शुरू कर सकेंगे। इस संकटकाल में प्रदेश में जरूरी कार्यो को तेजी से अंजाम देना आवश्यक है। 

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सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि डीएम की रिपोर्ट में कामकाज जारी रखने को कहा गया है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री एवं तीनों मंत्रियों ने सेल्फ क्वारंटाइन जारी रखने का निर्णय लिया है।

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