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सावधान! बारूद के ढेर पर देहरादून, रिहायशी इलाकों तक पटाखों का कारोबार

Published: Sun, 01 Nov 2026 08:50 AM (IST)

देहरादून में पटाखों का अवैध भंडारण और रिहायशी इलाकों में कारोबार बड़े हादसे का खतरा बढ़ा रहा है। प्रशासन सुरक्षा ...और पढ़ें

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अंकुर अग्रवाल, देहरादून। दीपावली के त्योहार की रौनक बढ़ाने वाले पटाखे शहर के कई इलाकों में खतरे की वजह बन सकते हैं। जहां घनी आबादी, व्यस्त सड़कें और कारोबारी प्रतिष्ठान आसपास हों, वहां पटाखों का असुरक्षित भंडारण किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

देहरादून में ट्रांसपोर्टनगर से लेकर सहारनपुर रोड और घनी आबादी में पटाखों के गोदामों में आग लगने की घटनाएं इस खतरे की गंभीरता पहले भी कई बार उजागर कर चुकी हैं। इसके बावजूद बड़ा सवाल यही है कि शहर में पटाखों के भंडारण, सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की जांच कितनी प्रभावी है।

पुराना रिकॉर्ड देखें तो 25 सितंबर 2024 को ट्रांसपोर्ट नगर में पटाखों के गोदाम में आग लगने के बाद धमाके होने लगे थे। दमकल की तीन गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के दौरान आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। उस दौरान गोदाम के अवैध होने की बात सामने आई थी।

यह घटना बताती है कि पटाखों का भंडारण अगर सुरक्षा मानकों के अनुरूप न हो तो आग की चपेट केवल गोदाम तक सीमित नहीं रहती, आसपास के प्रतिष्ठानों और लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो जाता है।

वहीं, सहारनपुर रोड क्षेत्र में भी पटाखों के गोदाम में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 23 अक्टूबर 2024 को प्रशासन ने सहारनपुर रोड स्थित एक गोदाम में तीसरी बार आग लगने की जानकारी के बाद कार्रवाई की थी। निरीक्षण के दौरान जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर गोदाम सील किया गया था।

13 थोक लाइसेंसधारी, सुरक्षा जांच कितनी नियमित

जिला प्रशासन की पिछले दिनों हुई बैठक में जिले में 13 लाइसेंसधारी थोक पटाखा कारोबारियों की जानकारी सामने आई थी। प्रशासन ने अवैध भंडारण पर कार्रवाई और लाइसेंसधारी गोदामों के सत्यापन के निर्देश भी दिए थे। लेकिन लाइसेंस होना ही सुरक्षा की गारंटी नहीं है।

गोदाम कहां स्थित हैं, वहां कितनी मात्रा में पटाखे रखे जा रहे हैं, अग्निशमन के इंतजाम पर्याप्त हैं या नहीं व निर्धारित दूरी के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इन सभी बिंदुओं की नियमित जांच पर सवाल उठते रहे हैं।

लाइसेंस से पहले ही सजा पटाखा बाजार

इस साल भी पटाखों की अस्थायी बिक्री के लिए लाइसेंस जारी होने से पहले कुछ इलाकों में बिक्री की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। धामावाला, सप्लाई रोड, बंजारावाला, देहराखास, जाखन, रायपुर और मोती बाजार में बिना लाइसेंस पटाखे बेचने की शिकायतों पर प्रशासन ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। त्योहार के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ जोखिम भी बढ़ता है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

हादसे के बाद नहीं, पहले हो कार्रवाई

सहायक शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार गुप्ता के अनुसार शहर में पटाखों के कारोबार की सुरक्षा जांच केवल त्योहार के दिनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। थोक गोदामों की सूची सार्वजनिक हो, उनके लाइसेंस और भंडारण क्षमता का सत्यापन किया जाए तथा अग्निशमन व्यवस्था में कमी मिलने पर तत्काल कार्रवाई हो। साथ ही, रिहायशी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोटक सामग्री के भंडारण की शिकायतों पर त्वरित जांच जरूरी है।

शहर में पटाखों के सभी गोदाम का पूरा रिकॉर्ड जांचा जा रहा है। इन सभी का अगले दो-तीन दिनों में विस्तृत निरीक्षण और सुरक्षा उपायों की जांच-पड़ताल की जाएगी। नियम विरुद्ध संचालित हो रहे गोदामों को तत्काल सील किया जाएगा। -संदीप तिवारी, मुख्य अग्नीशमन अधिकारी

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