दीपावली में उल्लू पर मंडरा रहा खतरा, शिकारी की निगरानी को वन विभाग ने बिछाया जाल, जेल जाएंगे पक्षियों के शिकारी
वन विभाग ने दीपावली पर उल्लू के अवैध शिकार और व्यापार को रोकने के लिए कानपुर में विशेष अभियान चलाया ...और पढ़ें

HighLights
वन विभाग ने दीपावली पर उल्लू की निगरानी को जाल बिछाया।
चार टीमें गठित कर शिकारियों की धर-पकड़ का अभियान।
उल्लू का अवैध व्यापार करने वालों को जेल भेजा जाएगा।
जागरण संवाददाता, कानपुर। वन विभाग ने दीपावली पर उल्लू की निगरानी को जाल बिछाया है। चार टीमें गठित कर उनके नंबर भी जारी किए है। दीपावली तक पक्षियों के शिकारियों की धर-पकड़ के लिए अभियान चलाकर छापेमारी की जाएगी। उल्लू की खरीद-फरोख्त करने वालों को जेल भेजा जाएगा। यह जानकारी प्रभागीय वन अधिकारी आकांक्षा जैन ने प्रेसवार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि दीपावली पर अंधविश्वास की वजह से उल्लू की जान को खतरा बना रहता है। लोग तंत्र-मंत्र के चक्कर में प़ड़कर इसका अवैध शिकार व व्यापार करते हैं। उल्लू को लुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी प्रजाति के रूप में चिह्नित किया गया है। इसे वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची एक में संरक्षित वन्यजीव के रूप में दर्ज किया गया है। इसका शिकार व व्यापार करने पर एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ सजा का प्रविधान है।
उल्लू के शिकार व व्यापार को रोकने के लिए टीमें गठित की गई है। ये टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय रहने के साथ ही शहर में उन स्थानों पर छापे भी मारेंगी, जहां पक्षियों के अवैध व्यापार की सूचना मिलेगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले दशहरा पर बाकरगंज, परेड, अशोक नगर में छापेमारी कर पांच नीलकंठ बरामद किए गए थे।
इन नंबरों पर कर सकते शिकायत
- क्षेत्रीय वन अधिकारी कानपुर- 7839434537
- क्षेत्रीय वन अधिकारी बिल्हौर-7839434538
- क्षेत्रीय वन अधिकारी घाटमपुर-7839434539
- क्षेत्रीय वन अधिकारी बिधनू-7839434540