Published: Tue, 09 Sep 2025 03:00 AM (IST)Updated: Tue, 09 Sep 2025 05:28 AM (IST)
उत्तराखंड में आपदा के बाद राज्य सरकार ने केंद्र से 5700 करोड़ रुपये की मदद मांगी है। एक केंद्रीय टीम ...और पढ़ें
राज्य ब्यूरो, देहरादून। आपदा का दंश झेल रहे उत्तराखंड की नजरें अब इससे उबरने को केंद्रीय मदद पर टिक गई हैं। राज्य की ओर से 5700 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। इसी कड़ी में केंद्रीय अंतर मंत्रालय टीम राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में क्षति के आकलन में जुटी है।
यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी 11 सितंबर को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा संभावित है। ऐसे में जल्द ही केंद्र से राज्य को बड़ी सहायता राशि मिलने की उम्मीद है।
इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अधिकारियों के साथ बैठक में वर्षाकाल थमते ही प्रशासनिक मशीनरी को मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्यों के लिए जुटने को तत्पर रहने के निर्देश दिए।
साथ ही वर्षाकाल तक आपदा प्रभावितों के लिए राहत सामग्री, राशन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने को भी कहा है। उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग समेत अन्य जिलों में इस मानसून में आपदा ने खासा कहर बरपाया है। राज्य सरकार की ओर से क्षति का आकलन करते हुए प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।
क्षति के आकलन के दृष्टिगत केंद्र सरकार की ओर से गठित सात सदस्यीय अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम सोमवार को देहरादून पहुंची। इसका नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव आर प्रसन्ना कर रहे हैं। टीम ने सुबह राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में हुई बैठक में आपदा से हुई क्षति की जानकारी ली।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने इस सबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। इसके बाद यह टीम आपदा से क्षति का आकलन करने के लिए प्रस्थान कर गई। अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम के अलग-अलग दलों ने उत्तरकाशी के धराली, हर्षिल, मुखवा, चमोली जिले के थराली, चेपड़ो, कोटदीप, राड़ीबगड़, मोपाटा, नंदानगर और बागेश्वर जिले के पौंसारी, बौसानी क्षेत्र में हवाई व स्थलीय निरीक्षण कर क्षति का जायजा लिया।
साथ ही स्थानीय अधिकारियों व आपदा प्रभावितों से बातचीत की। यह टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौंपेगी। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने आवास में आला अधिकारियों और वर्चुअल माध्यम से जुड़े डीएम के साथ बैठक की।
उन्होंने आपदा प्रभावितों के ठहरने, भोजन व अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करने को कहा। साथ ही फसलों, पेयजल लाइनों व सरकारी संपत्ति को हुई क्षति का त्वरित आकलन कर शासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
नदी-नालों के पास निर्माण पर सख्ती से लगे प्रतिबंध
मुख्यमंत्री ने नदी-नालों के पास निर्माण की अनुमति पर सख्ती से प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही इसका अनुपालन न करने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय सख्त कार्रवाई को भी कहा। उन्होंने सभी डीएम को आपदा प्रभावितों को तय मानकों के अनुसार सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने को भी कहा।
आज पौड़ी, रुदप्रयाग, बागेश्वर व नैनीताल का दौरा करेगी टीम केंद्रीय टीम मंगलवार को पौड़ी, रुदप्रयाग, बागेश्वर व नैनीताल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी। आपदा प्रंबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार केंद्रीय टीम शाम को देहरादून लौटेगी।