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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व सीएम के गधा करते हैं ढैंचा-ढैंचा बयान से उत्तराखंड भाजपा में हलचल, जानें- किस पर था निशाना

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Wed, 15 Sep 2021 05:26 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 15 Sep 2021 09:42 PM (GMT+05:30)

Dhaincha Seeds Scam त्रिवेंद्र सिंह रावत की एक ताजा टिप्पणी इंटरनेट मीडिया में खूब वायरल हो रही है। इसमें पूर्व ...और पढ़ें

अपनों पर ही इशारों में तंज कस गए पूर्व सीएम त्रिवेंद्र।
अपनों पर ही इशारों में तंज कस गए पूर्व सीएम त्रिवेंद्र।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Dhaincha Seeds Scam पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर कैबिनेट मंत्री डा हरक सिंह रावत की टिप्पणी से उपजे विवाद ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। हरक ने कहा था कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ढैंचा बीज घोटाले में त्रिवेंद्र की गिरफ्तारी चाहते थे, लेकिन उन्होंने कृषि मंत्री के रूप में त्रिवेंद्र को जेल जाने से बचाया। इस पर बुधवार को त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बगैर नाम लिए हरक पर तंज कसते हुए कहा कि गधा ढैंचा-ढैंचा करता है। एक अन्य बयान में त्रिवेंद्र ने और ज्यादा तीखा हमला बोला। उन्होंने कटाक्ष किया कि उनका (हरक सिंह रावत) चरित्र बहुत उज्ज्वल रहा है, सारी दुनिया जानती है। त्रिवेंद्र सिंह रावत और हरक सिंह रावत के रिश्तों में तल्खी काफी समय से चली आ रही है।

पिछले वर्ष अक्टूबर में कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाए जाने पर तो हरक तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र से बुरी तरह खफा हो गए थे और अपनी नाराजगी का उन्होंने सार्वजनिक रूप से इजहार भी किया। हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में हरक सिंह रावत ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री हरीश रावत ढैंचा बीज घोटाले में त्रिवेंद्र सिंह रावत को जेल भेजना चाहते थे, लेकिन बतौर कृषि मंत्री उन्होंने ऐसा नहीं किया। हरक सिंह रावत के अपनी ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री को लेकर दिए गए इस बयान ने भाजपा में बड़ी हलचल पैदा कर दी।

हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ढैंचा बीज घोटाला मामले में त्रिवेंद्र सिंह रावत को क्लीन चिट दे दी, लेकिन भाजपा इस घटनाक्रम से खासी असहज स्थिति में आ गई। दरअसल, ढैंचा बीज घोटाला उस समय चर्चा में आया था, जब त्रिवेंद्र सिंह रावत राज्य की दूसरी निर्वाचित सरकार में कृषि मंत्री थे। इसके बाद कांग्रेस सत्ता में आई तो हरक सिंह रावत कृषि मंत्री बने। हालांकि मार्च 2016 में हरक सिंह रावत समेत नौ विधायक कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। मार्च 2017 में त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड में भाजपा सरकार बनी तो उसमें हरक सिंह रावत कैबिनेट मंत्री बनाए गए।

बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के दो अलग-अलग बयान सामने आए। इंटरनेट मीडिया में वायरल पहले वीडियो में हरक सिंह रावत द्वारा ढैंचा बीज घोटाले का मामला उठाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा, 'हमारे यहां बोलते हैं कि गधा जो होता है, ढैंचा-ढैंचा करता है।' देर शाम त्रिवेंद्र का एक और बयान सामने आया। इसमें हरक सिंह रावत के बयान पर उन्होंने तीखा कटाक्ष किया। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, 'हरक सिंह रावत विद्वान व्यक्ति हैं। उन्होंने हजारों बच्चों को पढ़ाया, संस्कारित किया, शिक्षित किया। उनका चरित्र बहुत उज्ज्वल रहा है, चाहे आर्थिक हो, नैतिक हो, वैयक्तिक हो, सारी दुनिया जानती है। उनकी श्रेष्ठता को प्रणाम करता हूं।'

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के बयान के संबंध में पूछे जाने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किन परिस्थितियों और परिप्रेक्ष्य में ये बातें कही हैं, उन्हें इसकी अभी कोई जानकारी नहीं है। हरक के बयान पर त्रिवेंद्र के इस पलटवार से भाजपा की सियासत गर्मा गई है। गुरुवार को भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी तथा दो सह प्रभारी दो दिनी प्रवास पर देहरादून पहुंच रहे हैं। ऐसे में अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि भाजपा के दो दिग्गज नेताओं के मध्य टकराव पर पार्टी का क्या स्टैंड रहता है।

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