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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएसी जवानों के कंधे से हटेगा बिस्तर का बोझ, पुलिस महानिदेशक ने दिए निर्देश

By Sumit KumarEdited By:
Published: Mon, 29 Mar 2021 01:10 PM (IST)

पीएसी जवानों को ड्यूटी करने के लिए एक से दूसरे जिले में जाने पर अब बिस्तर का बोझ नहीं उठाना ...और पढ़ें

पीएसी जवानों को ड्यूटी करने के लिए एक से दूसरे जिले में जाने पर बिस्तर का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
पीएसी जवानों को ड्यूटी करने के लिए एक से दूसरे जिले में जाने पर बिस्तर का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

सोबन सिंह गुसांई, देहरादून: पीएसी जवानों को ड्यूटी करने के लिए एक से दूसरे जिले में जाने पर अब बिस्तर का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। जवान जिस जिले में ड्यूटी के लिए जाएंगे वहां संबंधित जिले के प्रभारी खुद जवानों के लिए बेड व बिस्तर की व्यवस्था करेंगे। पुलिस महानिदेशक ने सभी जिला प्रभारियों को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। अप्रैल महीने से सभी जिलों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

प्रदेश में प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) व इंडियन रिजर्व बटालियन (आइआरबी) की पांच कंपनियां हैं। इनमें से पीएसी की 40वीं बटालियन व आइआरबी द्वितीय हरिद्वार, आइआरबी प्रथम रामनगर व आइआरबी की 31 व 46वीं बटालियन रुद्रपुर में तैनात हैं। इन जवानों की ड्यूटी कानून व्यवस्था के साथ जलूस, बड़े मेले व वीआइपी सुरक्षा में रहती है। एक जिले से दूसरे जिले में ड्यूटी लगने पर जवानों को अपने बेड व बिस्तर खुद लादकर ले जाने पड़ते हैं।  जवान यह सामान ट्रकों में लादकर ले जाते हैं, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। इसी परेशानी को देखते हुए पुलिस विभाग ने जवानों के लिए बेड व बिस्तर की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है।

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ट्रकों की बजाय बसों से सफर करेंगे जवान

पीएसी जवानों को पुलिस विभाग एक और सौगात देने जा रहा है। अब जवानों को इधर-उधर जाने के लिए बसों से भेजा जाएगा। बसों में कैरेज की व्यवस्था भी होगी, जिसमें जवान अपना सामान रखेंगे। इससे पहले जवान ट्रकों से ही एक जगह से दूसरी जगह मूवमेंट करते थे। 

डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि एक जगह से दूसरी जगह ड््यूटी पर पीएसी के जवानों को ट्रकों में भेजा जाता था। साथ में उन्हें बिस्तर का बोझ भी उठाना पड़ता था। मानवीय पहलू को देखते हुए सभी जिले के प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वह जवानों के लिए बिस्तरे की व्यवस्था स्वयं करें। वहीं जवानों के आने जाने के लिए बसों का इंतजाम भी किया जा रहा है। 

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