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दीपावली पर घर पहुंचने की जल्दी, देहरादून में ट्रेन पर टूट पड़े यात्री... खिड़कियों से घुसे, टॉयलेट में कर रहे सफर

Published: Wed, 04 Nov 2026 09:58 AM (IST)

त्योहारी सीजन में देहरादून से गोरखपुर जाने वाली राप्ती गंगा एक्सप्रेस में यात्रियों को भारी भीड़ का सामना करना पड़ा।

देहरादून से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन में लगी भीड़। जागरण

देहरादून से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन में लगी भीड़। जागरण

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जागरण संवाददाता, देहरादून। प्लेटफार्म नंबर तीन पर ट्रेन अभी पूरी तरह रुकी भी नहीं थी कि यात्रियों का हुजूम जनरल कोच की तरफ बढ़ने लगा। किसी के कंधे पर बैग था तो किसी के हाथ में बड़े-बड़े सूटकेस। हर किसी को बस एक ही चिंता थी, किसी तरह ट्रेन में जगह मिल जाए, चाहे बैठने को मिले या खड़े होने भर की।

राप्ती गंगा एक्सप्रेस के दरवाजों पर यात्रियों का ऐसा दबाव बना कि भीतर बैठे यात्रियों के लिए उतरना तक मुश्किल हो गया। बाहर से चढ़ने की कोशिश में धक्का-मुक्की होने लगी। दरवाजे पर जगह नहीं मिली तो कुछ यात्री खिड़कियों से ही कोच के भीतर घुसने लगे।

किसी ने सामान पहले अंदर पहुंचाया तो कोई खुद खिड़की के रास्ते जगह बनाने में जुटा रहा। दीपावली पर घर पहुंचने की ऐसी बेचैनी थी कि रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी के जवानों की सख्ती भी भीड़ को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर पा रही थी।

मंगलवार को देहरादून से गोरखपुर जाने वाली राप्ती गंगा एक्सप्रेस का यह नजारा त्योहारी सीजन में ट्रेनों की भीड़ और यात्रियों की परेशानी की तस्वीर बयां कर रहा था। जनरल कोच में सीट पाने के लिए यात्री एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में लगे रहे।

प्लेटफार्म पर तैनात पुलिसकर्मियों ने रस्सियां लगाकर यात्रियों को पीछे किया, लेकिन ट्रेन के रुकते ही कई यात्री रस्सियां लांघकर कोच की ओर दौड़ पड़े।

पटरियों के किनारे बने टिन शेड के पास से ही ट्रेन में चढ़ने की कोशिश शुरू हो गई थी। हालात ऐसे बने कि पुलिसकर्मियों को यात्रियों से सख्ती से पेश आना पड़ा। करीब 45 मिनट तक चली इस अफरातफरी के बाद ट्रेन स्टेशन से रवाना हो सकी।

सीट की उम्मीद में शौचालय तक पहुंच रहे यात्री

त्योहारी सीजन में देहरादून से पूर्वांचल जाने वाली ट्रेनों में जगह पाने के लिए यात्रियों को जिद्दोजहद करनी पड़ रही है। जनरल कोचों में पहले से ही क्षमता से कहीं अधिक भीड़ है। सीट मिलना तो दूर, खड़े होने की जगह तलाशना मुश्किल हो रहा है।

कई यात्री दरवाजों के पास, कोच के गलियारों और शौचालय के आसपास तक खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं। शौचालयों तक में यात्रियों के भरे होने की स्थिति बन रही है। आरक्षित श्रेणियों में भी लंबी प्रतीक्षा सूची के चलते जनरल कोच पर दबाव और बढ़ गया है। घर पहुंचने की मजबूरी में यात्री जोखिम उठाकर किसी तरह ट्रेन में सवार हो रहे हैं।

दो महीने पहले से एसी श्रेणी में सीटें फुल

दीपावली के साथ भाई दूज और छठ पर्व के कारण पूर्वांचल जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। आठ नवंबर को बड़ी दीपावली और उसके बाद पड़ने वाले त्योहारों के लिए लोगों ने काफी पहले से आरक्षण करा लिया है।

प्रथम, द्वितीय और तृतीय वातानुकूलित श्रेणियों में दो महीने पहले से ही सीटों की उपलब्धता मुश्किल हो रही है। तत्काल कोटे में टिकट बुक कराने की कोशिश करने वाले यात्रियों को भी राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में जिन यात्रियों को आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रहा, वे जनरल कोच के भरोसे सफर करने को मजबूर हैं।

रोडवेज बसों में कुछ राहत, अतिरिक्त फेरे भी

ट्रेनों में सीटों के लिए मारामारी के बीच उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में फिलहाल कुछ राहत है। निगम की बसों में ऑनलाइन माध्यम से प्रति बस करीब 15 से 20 टिकट ही बुक हो रहे हैं।

यात्रियों की सुविधा के लिए लंबी दूरी की बसों के अतिरिक्त फेरे भी लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा निजी बस संचालक भी विभिन्न मार्गों पर सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि पूर्वांचल के यात्रियों के लिए बसें रेल का सीधा विकल्प नहीं बन पा रही हैं।

अतिरिक्त कोच लगाने पर निर्णय नहीं

त्योहारी भीड़ के बावजूद देहरादून से संचालित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं हुआ है। स्टेशन अधीक्षक रविंद्र कुमार के अनुसार, ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची चल रही है। अतिरिक्त कोच लगाने के संबंध में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

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