विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dehradun Spring Festival: तीन दिवसीय वसंतोत्सव की भव्‍य शुरुआत, यहां पढ़ें आपके लिए क्‍या होगा खास

By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
Published: Fri, 03 Mar 2023 09:34 AM (IST)Updated: Fri, 03 Mar 2023 11:54 AM (IST)

Dehradun Spring Festival 2023 आज शुक्रवार से अगले तीन दिन तक उत्‍तराखंड की राजधानी देहरादून में फूलों का रंग-विरंगा संसार ...और पढ़ें

Dehradun Spring Festival: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने किया उद्घाटन।
Dehradun Spring Festival: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने किया उद्घाटन।

राज्य ब्यूरो, देहरादून: Dehradun Spring Festival:  उत्तराखंड को आने वाले समय में पुष्प प्रदेश के रूप में जाना जाएगा और वह समय खुशहाली व समृद्धि से परिपूर्ण होगा। यह बात राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने राजभवन में तीन दिवसीय वसंतोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर कही।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उद्यान मंत्री गणेश जोशी की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने औद्यानिकी के विकास को बेहतर योजनाएं बनाई हैं, जिससे इस क्षेत्र में नई क्रांति आ सकती है। उन्होंने पुष्प प्रदर्शनी में अधिक से अधिक नागरिकों से प्रतिभाग की अपील की। उधर, देर शाम राजभवन में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया।

शुक्रवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रंगीन गुब्बारों को हवा में छोड़कर वसंतोत्सव-2023 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उद्यान मंत्री गणेश जोशी, प्रथम महिला गुरमीत कौर, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी भी मौजूद रहीं। इसके बाद राजभवन परिसर में स्थित नक्षत्र वाटिका पर बनी लघु फिल्म रिलीज की गई। साथ ही डाक विभाग के टिमरू पर विशेष डाक आवरण का विमोचन किया गया।

राज्यपाल ने डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उद्यान विभाग ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए टोल फ्री किसान हेल्पलाइन नंबर 18003135685 लांच किया और पुस्तक ‘शुष्क पुष्प व्यावसायिक’ जारी की। दोपहर में आइएमए के बैंड ने अपनी मधुर धुन और गोरखा राइफल्स के जवानों ने खुखरी नृत्य की प्रस्तुति से वाहवाही लूटी, जबकि आइटीबीपी के जवानों ने कराटे का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित किया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के छात्रों ने विभिन्न योगासन का प्रदर्शन किया।

राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टालों का भ्रमण भी किया। राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष वसंतोत्सव को लेकर अलग उत्साह देखने को मिल रहा है। पिछले वर्ष वसंतोत्सव में 200 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और स्वयं सहायता समूहों ने प्रतिभाग किया था, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 535 हो गई है। इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण डा. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, संयुक्त सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण महिमा, निदेशक उद्यान डा. एचएस बवेजा, निदेशक सगंध पादप केंद्र डा. नृपेंद्र चौहान, निदेशक रेशम एके चौहान आदि उपस्थित रहे।

वसंतोत्सव से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वसंतोत्सव आमजन को प्रकृति से जुड़ने का संदेश देता है और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करता है। ऐसे उत्सवों से कृषि और उद्यान सहित विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा कार्य करने वाले व्यक्तियों को अपने उत्पाद आमजन तक पहुंचाने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव से किसानों को प्रोत्साहन के साथ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।

आयुर्वेद चिकित्सा की निश्शुल्क सेवा

वसंतोत्सव में आयुष विभाग ने भी स्टाल लगाया गया। इसमें जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. मिथिलेश कुमार की टीम निश्शुल्क चिकित्सा परामर्श भी प्रदान कर रही है। साथ ही निश्शुल्क आयुर्वेदिक औषधि का वितरण किया जा रहा है। आमजन इस शिविर का बढ़-चढ़कर लाभ उठा रहे हैं।

कट फ्लावर से गुलजार हुआ राजभवन

वसंतोत्सव में कट फ्लावर (पारंपरिक) प्रतियोगिता में 698 प्रतिभागी, कट फ्लावर (गैर पारंपरिक) श्रेणी में 191 प्रतिभागी, पाटेड प्लांट (प्राइवेट नर्सरी) श्रेणी में 22, लूज फ्लावर श्रेणी में 42, पाटेड प्लांट (गैर पुष्प) श्रेणी में 17, कैक्टस एवं सेकुलेंट श्रेणी में 13, हैंगिंग पाट श्रेणी में 27, आन स्पाट फोटोग्राफी में 22, लान श्रेणी में 17, फ्रेश पेटल रंगोली में आठ और पेंटिंग प्रतियोगिता में 946 प्रकृति प्रेमी प्रतिभाग कर रहे हैं। इसी वर्ष से शुरू हुई नवीन प्रतियोगिताओं छतों पर सब्जी उत्पादन में 12, बोनसाई में 23, टेरेरियम में सात व शहद उत्पादन में 33 प्रतिभागी शामिल हैं।