जागरण संवाददाता, देहरादून। अवैध खनन पर पहली बार जिला प्रशासन आक्रामक रुख अपनाता दिख रहा है। जिलाधिकारी डा. आर राजेश कुमार के निर्देश पर गुरुवार को विकासनगर क्षेत्र में खनन पट्टों, स्क्रीनिंग प्लांट और भंडारण केंद्रों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस दौरान अवैध खनन के मामले पाए जाने पर चार स्क्रीनिंग प्लांट को बंद करने के आदेश दिए गए, जबकि तीन पर 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

विकासनगर के उप जिलाधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में धर्मपुर कलां व रायपुर कलां स्थित आशीर्वाद स्क्रीनिंग प्लांट, सहारा इंडस्ट्रीज, आर्य टेक लाइफ संस के स्क्रीनिंग प्लांट और भंडारण केंद्र पर छापा मारा गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया। इस बीच दबाव बनाने के लिए अधिकारियों के फोन भी घनघनाए, मगर कार्रवाई को रोका नहीं गया।

प्रशासन की टीम ने पाया कि विभिन्न स्तर पर अवैध खनन किया जा रहा है। वहीं, मानक से अधिक खनन सामग्री भी ढोई जा रही है। विभिन्न खनन साइट पर नापजोख कर भी खनन की स्थिति देखी गई। आशीर्वाद स्क्रीनिंग प्लांट पर 72 लाख रुपये, सहारा इंडस्ट्रीज पर 10 लाख रुपये व आर्य टेक पर आठ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

इसके अलावा टीम ने लक्ष्मी स्क्रीनिंग प्लांट, साईं स्क्रीनिंग प्लांट व पद्मश्री स्क्रीनिंग प्लांट में मानकों की अनदेखी पाई गई। इसी तरह की गड़बड़ी आशीर्वाद स्क्रीनिंग प्लांट में भी देखने को मिली। लिहाजा, टीम की आख्या प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी ने चारों प्लांट को बंद करने के आदेश जारी कर दिए। उधर, बिना रवन्ने के खनन सामग्री ले जा रहे ट्रैक्टर-ट्राली और एक अन्य वाहन को सीज कर दिया गया।

जालिधिकारी डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि विकासनगर क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। लिहाजा, टीम बनाकर छापेमारी कराई गई। अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह की कार्रवाई अन्य क्षेत्रों में भी की जाएगी।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में खनन नीति में एक बार फिर बदलाव की तैयारी, किए जा सकते हैं ये संशोधन

Edited By: Raksha Panthri