देहरादून के बोर्डिंग स्कूल का घिनौना इतिहास, छात्रा संग हुआ था जघन्य अपराध, प्रिंसिपल ने भी दिया दरिंदों का साथ
Dehradun Crime Recall बोर्डिंग स्कूल में नाबालिग छात्रा से स्कूल के ही छात्रों ने सामूहिक दुराचार किया था। स्कूल प्रबंधन ने मामले को अंदरखाने दबाने की कोशिश की थी। जिसके लिए छात्रा का गर्भपात करवा दिया गया था।

टीम जागरण, देहरादून : Dehradun Crime Recall : वर्ष 2018 में नामी बोर्डिंग स्कूल में ऐसा शर्मनाक मामला सामने आया जो एजूकेशन हब की पहचान रखने वाले देहरादून के स्कूलों के इतिहास का काला पन्ना बन गया।
स्कूल के ही छात्रों ने किया था सामूहिक दुराचार
- उक्त बोर्डिंग स्कूल में नाबालिग छात्रा से स्कूल के ही छात्रों ने सामूहिक दुराचार किया था।
- जब स्कूल प्रबंधन को छात्रा से दुष्कर्म किए जाने और उसके गर्भवती होने की सूचना मिली तो उसे अंदरखाने दबाने की कोशिश की गई थी।
- छात्रा का गर्भपात करा दिया गया था।
- देहरादून के भाऊवाला स्थित जीआरडी बोर्डिंग स्कूल में हाईस्कूल की नाबालिग छात्रा के साथ 14 अगस्त 2018 को स्कूल के ही चार छात्रों ने सामूहिक दुष्कर्म किया।
- जिसके बाद छात्रा गर्भवती हो गई। यह बात स्कूल प्रबंधन तक पहुंची तो छात्रा को धमकाया गया।
छात्रा का जबरन कराया गया था गर्भपात
- मामले को दबाने के लिए छात्रा का जबरन गर्भपात कराया गया।
- स्कूल की निदेशक लता गुप्ता ने स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी दीपक मल्होत्रा और उसकी पत्नी तन्नू द्वारा छात्रा को दवा खिलाई गई, जिससे उसका गर्भपात हो गया।
- गर्भपात के बाद रक्तस्त्राव नहीं रुका, जिस पर छात्रा को देहरादून के एक नर्सिंग होम में ले जाया गया।
- जिसके बाद छात्रा के घरवालों के सामने सारा सच आ गया।
- मामले में स्कूल की प्रबंधक, प्रिंसिपल, प्रशासनिक अधिकारी समेत नौ लोगों पर पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
- आरोपितों में तीन छात्र नाबालिग थे और एक बालिग था।
- दोषी पाए जाने पर नाबालिग आरोपितों को तीन-तीन साल की सजा और बालिग आरोपी सरबजीत को 20 साल की सजा सुनाई गई।
- प्रिसिंपल जितेंद्र शर्मा को तीन साल और स्कूल की निदेशक लता गुप्ता, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपक उसकी पत्नी तनु को नौ-नौ साल की सजा सुनाई गई थी।
स्कूल की आया बन गई थी सरकारी गवाह
स्कूल प्रबंधन पर साक्ष्य छुपाने, षड्यंत्र और गर्भपात कराने के मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। मामले में स्कूल की आया सरकारी गवाह बन गई थी।
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