जागरण संवाददाता, देहरादून। नशामुक्ति केंद्र में युवक की मौत के बाद कोरोनेशन अस्पताल में हंगामा करने, डाक्टरों से मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर डालनवाला कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। डालनवाला कोतवाली के इंस्पेक्टर एनके भट्ट ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से आरोपितों की पहचान की जाएगी।

पुलिस को दी तहरीर में कोरोनेशन अस्पताल के कार्यवाहक अधीक्षक रमेश चंद्र पंवार ने बताया कि गुरुवार रात को कुछ व्यक्ति अनुज नामक युवक को आपातकालीन स्थिति में अस्पताल में लाये। जिसे तत्काल फोर्टिज अस्पताल रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्वजन दोबारा मृतक को आपातकालीन सेवा में लाए, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाना है, क्योंकि मृत्यु के कारणों का पता पोस्टमार्टम के बाद ही पता लग सकेगा। इसके बाद शव स्वजन को दिया जाएगा। यह सुनकर मृतक के स्वजन आक्रोशित हो गए।

उन्होंने आपातकालीन अनुभाग में अपने सभी परिचितों को एकत्र कर लिया और चिकित्सक डा. गोरांग जोशी, फार्मासिस्ट श्याम लाल बिजल्वाण, वार्ड ब्वाय सुधीर बेलवाल व लखपत सिंह सहित पीआरडी जवान के साथ मारपीट, गाली गलौच और जान से मारने की धमकी देते हुए तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई जिसके बाद कुछ पुलिसकर्मी आपातकालीन कक्ष में पहुंचे, लेकिन उनके सामने भी वह लोग हंगामा करते रहे। डर के कारण अस्पताल स्टाफ व रोगियों ने दरवाजे बंद कर अपनी जान बचाई। उन्होंने बताया कि मृतक के स्वजन ने कोविड प्रोटोकाल तोड़ते हुए हंगामा किया, जिससे वहां सारे स्टाफ व रोगियों के लिए कोरोना का खतरा पैदा हो गया। इंस्पेक्टर डालनवाला एनके भट्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

नशामुक्ति केंद्र प्रबंधन के खिलाफ भी मुकदमा

देहरादून : नशामुक्ति केंद्र में युवक की मौत के मामले में राजपुर थाना पुलिस ने सहस्रधारा रोड गुजराड़ा स्थित न्यू फ्यूचर सोसाइटी के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया है। शिकायतकर्ता पंकज कुमार निवासी नई बस्ती नालापानी ने बताया कि उन्होंने अनुज कुमार को एक सप्ताह पहले नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। भर्ती करवाने के बाद प्रबंधन ने कहा था कि वह अनुज से 40 दिन तक कोई संपर्क नहीं कर सकते।

गुरुवार रात उन्होंने फोन पर सूचना दी गई कि अनुज की तबीयत बहुत ज्यादा खराब है। उसे कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। ऐसे में स्वजन को जल्द अस्पताल पहुंचने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सकों ने अनुज कुमार को मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष रायपुर मोहन सिंह ने बताया कि पीडि़त की तहरीर पर नशामुक्ति केंद्र के प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया गया है। पुलिस ने रात को ही नशामुक्ति केंद्र पहुंचकर पूछताछ की। केंद्र में भर्ती मरीजों ने बताया कि अनुज को दौरे पड़ते थे। इसके बाद वह बेकाबू हो जाता था और मारपीट करनी शुरू कर देता था। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों का पता लग सकेगा।

यह भी पढ़ें- पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को नोटिस, क्लेमेनटाउन में कोठी गिराने के मामले में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के पास पहुंची शिकायत

Edited By: Raksha Panthri