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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की सजा, पानी मंगवाने के बहाने किशोरी को कमरे में ले गया था आरोपित

By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sun, 05 Feb 2023 01:20 PM (GMT+05:30)

विशेष न्यायाधीश पोक्सो मीना देउपा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष ...और पढ़ें

अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाएंगे।
अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाएंगे।

जागरण संवाददाता, देहरादून: Dehradun Crime: विशेष न्यायाधीश पोक्सो मीना देउपा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की सजा सुनाई है।

इसके अलावा दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर उसे दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाएंगे।

23 जून 2020 को आरोपपत्र दाखिल किया

शासकीय अधिवक्ता अल्पना थापा के अनुसार, एक महिला ने पटेलनगर कोतवाली में तहरीर दी थी कि 19 मार्च 2020 को उनकी 14 वर्षीय बेटी घर के आंगन पर झाड़ू लगा रही थी। इसी दौरान जीशान निवासी पुरकाजी, जिला मुजफ्फरनगर, जोकि उन्हें पहले से जानता था, आया और बेटी से पानी मांगने लगा।

जब उनकी बेटी पानी लेकर बाहर आई तो आरोपित उसे अपने कमरे में खींच ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने 20 मार्च 2020 को मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

23 जून 2020 को आरोपपत्र दाखिल किया। गवाहों के बयानों व मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने जीशान को दोषी करार देते हुए 20 साल कारावास की सजा सुनाई है।