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    Uttarakhand News: भू-कानून उल्लंघन के 407 मामले आए सामने, 154 मुकदमे दर्ज; CM धामी सख्त

    Updated: Wed, 09 Jul 2025 09:21 AM (IST)

    मुख्यमंत्री धामी के निर्देशानुसार उत्तराखंड सरकार भू-कानून उल्लंघन के मामलों में सख्ती बरत रही है। अब तक 407 मामले सामने आए हैं जिनमें से 154 में वाद दायर किए गए हैं। देहरादून हरिद्वार पौड़ी टिहरी और अल्मोड़ा जिलों में अनियमितताएँ पाई गई हैं। सरकार ने 3.006 हेक्टेयर जमीन को अपने नियंत्रण में ले लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। प्रदेश में भू-कानून के उल्लंघन के मामलों में सरकार ने सख्त रुख अपनाया हुआ है। इस क्रम में अब तक भू उपयोग उल्लंघन के 407 प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से 154 में वाद दायर किया गया है, जबकि 147 प्रकरणों पर कार्यवाही गतिमान है। शेष प्रकरणों में भी कार्यवाही गतिमान है।

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    प्रदेश में सख्त भू कानून लागू हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि भू-कानून उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कड़ी में लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों का संज्ञान लिया जा रहा है जिनमें भूमि किसी और प्रयोजन के लिए खरीदी गई थी लेकिन इनका अन्य उपयोग हो रहा है।

    इनमें उद्योग लगाने, खेती व उद्यान लगाने अथवा स्कूल खोलने के नाम पर खरीदी गई जमीन का उपयोग अन्य कार्यों के लिए किया जा रहा था। इस तरह के प्रकरण देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी व अल्मोड़ा जिलों में सामने आए हैं।

    अल्मोड़ा के एक प्रकरण में भूमि राज्य सरकार में भी निहित की गई है। प्रदेश में अब तक कुल 3.006 हेक्टेयर जमीन राज्य सरकार में निहित की गई है। इनमें बागेश्वर में 0.40 हेक्टेयर, रुद्रपुर में 1.65 हेक्टेयर, सिलटौना, नैनीताल में 0.55 हेक्टेयर और अल्मोड़ा में 0.758 हेक्टेयर जमीन सरकार में निहित की गई है।

    ‘भूमि प्रबंधन तथा भू-व्यवस्था एवं सुधार के लिए प्रदेश में सशक्त भू-कानून लागू हो गया है। इसी के साथ जनभावना के अनुरूप उत्तराखंड में कृषि और उद्यान भूमि की अनियंत्रित बिक्री पर रोक लग गई है। भू अधिनियम के प्रविधानों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है और इस तरह की भूमि राज्य सरकार में निहित की जा रही है।’ -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।