BRP-CRP Recruitments: उत्तराखंड में बीआरपी-सीआरपी भर्ती पर उठे सवाल, आउटसोर्सिंग पर विवाद
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीआरपी और सीआरपी पदों पर आउटसोर्सिंग से हो रही भर्ती पर सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि सरकार के आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग 951 पदों पर आउटसोर्सिंग एजेंसी से भर्ती कर रहा है। विभाग का कहना है कि ये पद आउटसोर्सिंग के हैं और शासनादेश स्थायी पदों पर लागू होता है।

राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति ने ब्लाक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) और क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। समिति का कहना है कि शासन ने आउटसोर्सिंग एजेंसी अथवा संविदा या किसी भी प्रकार की अस्थायी व्यवस्था के तहत कोई भी नियुक्तियां नहीं करने का एक आदेश जारी किया है, लेकिन शिक्षा विभाग में बीआरपी एवं सीआरपी के 951 पदों की भर्ती आउटसोर्स एजेंसी से कराई जा रही है। यद्यपि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीआरपी व सीआरपी के पद आउटसोर्सिंग के पद हैं। इसलिए इन पदों को भरा जा रहा है।
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय तदर्थ समिति के पदाधिकारी मनोज तिवारी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि अप्रैल, 2025 में मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में आउटसोर्सिंग एजेंसी अथवा संविदा या किसी भी प्रकार की अस्थायी व्यवस्था के तहत कोई भी नियुक्तियां नहीं करने को कहा गया है।
लेकिन, शिक्षा विभाग में पिछले सात वर्षों से रिक्त चल आ रहे पदों पर आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियुक्तियां की तैयारी की जा चुकी है। इस संबंध में विभागीय मेरिट लिस्ट भी जारी की जा चुकी है। पंचायत चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे।
उधर, माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. मुकुल कुमार सती ने संपर्क करने पर कहा कि बीआरपी और सीआरपी पद स्थायी नहीं, बल्कि आउटसोर्स के हैं। शासनादेश स्थायी पदों को आउटसोर्स या किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से नहीं भरने का आदेश हैं।
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