उत्तराखंड में भूस्खलन से बिजली व्यवस्था चरमराई, बहाल करने में जुटा ऊर्जा निगम
उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है बिजली आपूर्ति बाधित है। पर्वतीय इलाकों में लाइनें और ट्रांसफार्मर टूटने से अंधेरा छाया है। ऊर्जा निगम युद्धस्तर पर आपूर्ति बहाल करने में जुटा है। प्रभावित क्षेत्रों में टीमें तैनात हैं क्षतिग्रस्त लाइनों को बदला जा रहा है। लोगों से सुरक्षित रहने और धैर्य रखने की अपील की गई है।

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। आपदा के कारण विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी गंभीर रूप से बाधित हो गई है।
कई पर्वतीय इलाकों में विद्युत लाइनें, पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को घंटों तक अंधेरे में रहना पड़ रहा है। ऊर्जा निगम की ओर से युद्ध स्तर पर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।
ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में निगम के कार्मिकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आपदा प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त उपकरणों के साथ टीमें तैनात की गई हैं।
उन्होंने कहा कि युद्धस्तर पर क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों और पोलों को बदला जा रहा है ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जा सके। चमोली जिले के बांसवाड़ा क्षेत्र में 33 केवी की क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन बदली जा रही है, जबकि 11 केवी के फीडर को दुरुस्त कर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से सुचारू कर दी गई है।
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ऊर्जा निगम ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और आपदा के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। इसके अलावा मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को भी पर्वतीय क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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