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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में भूस्खलन से बिजली व्यवस्था चरमराई, बहाल करने में जुटा ऊर्जा निगम

Published: Sat, 30 Aug 2025 10:25 AM (IST)

उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है बिजली आपूर्ति बाधित है। पर्वतीय इलाकों में लाइनें ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन से तबाही |
  2. बिजली आपूर्ति बुरी तरह बाधित |
  3. ऊर्जा निगम द्वारा मरम्मत कार्य जारी |

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। आपदा के कारण विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी गंभीर रूप से बाधित हो गई है।

कई पर्वतीय इलाकों में विद्युत लाइनें, पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को घंटों तक अंधेरे में रहना पड़ रहा है। ऊर्जा निगम की ओर से युद्ध स्तर पर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।

ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में निगम के कार्मिकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आपदा प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त उपकरणों के साथ टीमें तैनात की गई हैं।

उन्होंने कहा कि युद्धस्तर पर क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों और पोलों को बदला जा रहा है ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जा सके। चमोली जिले के बांसवाड़ा क्षेत्र में 33 केवी की क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन बदली जा रही है, जबकि 11 केवी के फीडर को दुरुस्त कर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से सुचारू कर दी गई है।

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ऊर्जा निगम ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और आपदा के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। इसके अलावा मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को भी पर्वतीय क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।