गुरुग्राम के दूल्हे से हुई देहरादून की दुल्हन की शादी, पति बोला- 'सांवली है', भूखा रखा... 20 दिन में मायके लौटी
राष्ट्रीय महिला आयोग की देहरादून जनसुनवाई में कई महिलाओं ने वैवाहिक उत्पीड़न की दर्दनाक कहानियां साझा कीं। रंग, दहेज और ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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वत्सल गुप्ता, देहरादून। सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का वादा, लेकिन कहीं रंग-रूप तो कहीं दहेज और संतान को लेकर उपजे विवाद ने वैवाहिक रिश्तों को टूटने की कगार पर पहुंचा दिया। देहरादून में महिला जनसुनवाई में शनिवार को ऐसे मामले सामने आए, जिनमें शादी के कुछ ही दिन बाद बेटियों को ससुराल छोड़ना पड़ा।
एक युवती के मामले में आरोप है कि पति उसके सांवले रंग को लेकर ताने देता था। यहां तक कहा कि मेकअप कर रंग छिपाकर शादी की। शादी के 20 दिन के भीतर ही रिश्ता बिखर गया। दूसरे मामले में बेटी पैदा होने के बाद महिला को घर से निकालने का आरोप है, जबकि तीसरे में मोबाइल और घरेलू बातों को लेकर बढ़ती कलह अलगाव की वजह बनी।
काला सूट, मेकअप और फिर रंग पर ताने, 20 दिन में लौटी मायके
बिहार मूल का एक परिवार कई वर्षों से देहरादून के किशननगर में रह रहा है। परिवार ने एक दिसंबर 2025 को बेटी की शादी गुरूग्राम में की थी। आरोप है कि शादी के बाद पति पत्नी के सांवले रंग को लेकर नाराज रहने लगा और उसे प्रताड़ित करने लगा।
परिवार के मुताबिक, पति ने ताना दिया कि शादी में काला सूट व मेकअप करके रंग छिपाया गया, इसलिए असल रंग का पता नहीं चला। उसने पत्नी को साथ रखने से भी इन्कार किया। परिवार का आरोप है कि ससुराल में कई दिन तक बेटी को खाना तक नहीं दिया गया।
देहरादून में बैठे माता-पिता आनलाइन खाना मंगवाकर भेजते रहे। आखिरकार 27 दिसंबर को बेटी को वापस लाना पड़ा। अब परिवार शादी में दिए सामान की वापसी के लिए गुहार लगा रहा है। पिता की बीमारी और बेटी का बिखरा वैवाहिक जीवन परिवार की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
बेटी पैदा हुई तो फिर घर से निकाला
हरिद्वार निवासी युवती की शादी वर्ष 2025 में अंबाला में हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के पांच महीने बाद ही दहेज और अन्य बातों को लेकर उसे परेशान किया जाने लगा और घर से निकाल दिया गया।
समझौते के बाद युवती ससुराल लौटी, मगर बेटी को जन्म देने के बाद फिर उत्पीड़न शुरू हो गया। परिवार के मुताबिक, पति बेटा चाहता था और इसी कारण युवती को दोबारा घर से निकाल दिया गया। अब परिजन न्याय के लिए थाने और कचहरी के चक्कर काट रहे हैं।
मोबाइल और घरेलू बातों पर विवाद, पांच महीने में अलगाव
ऋषिकेश निवासी युवती की शादी दो साल पहले उत्तर प्रदेश में हुई थी। परिजनों के अनुसार, मोबाइल के इस्तेमाल और घर-परिवार की छोटी-छोटी बातों को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगे। आपसी अनबन लगातार बढ़ी तो शादी के करीब पांच महीने बाद ही परिवार बेटी को मायके ले आया।
अब पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। उपरोक्त तीनों मामलों में विवाद की वजहें अलग हैं, लेकिन नतीजा एक जैसा रहा, वैवाहिक जीवन में दरार और न्याय के लिए संघर्ष। महिला जनसुनवाई में पीड़ितों की आपबीती सुन राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष भी चिंतित नजर आईं।
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