देहरादून, राज्य ब्यूरो। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में 44.21 करोड़ की लागत से बनने वाले दो अंडरपास का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि अंडरपास बनने से एनएच-72 पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि आइएमए जैसे विश्वसनीय व विश्वस्तरीय  संस्थान को दो अंडरपास के लिए इतना लंबा इंतजार करना पडा, यह बड़ी विडंबना है। 

सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आइएएम के अंडरपास का शिलान्यास करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि अंडरपास के निर्मित होने से आइएमए के कैंपस आपस में जुड़ सकेंगे और संस्थान को अपनी गतिविधियों को संचालित करने में भी सुविधा होगी। इन अंडरपास के निर्माण से न केवल उत्तराखंड की जनता को, बल्कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा आने-जाने वाले यात्रियों को भी खासा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष उन्होंने इसके लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की थी। अब इस पर कार्य शुरू हो रहा है। यह कार्य दो साल में पूरा होना है। यदि यह पौने दो साल में पूरा होता है तो वे इसका उद्घाटन करने आएंगे और इसमें कार्य करने वालों को भी सम्मानित करेंगे। 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस अंडरपास को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्ष 1978 से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही है। इससे आइएमए की गतिविधियों को संचालित करने में सुविधा होगी और स्थानीय लोगों को भी आवागमन में राहत मिलेगी। आइएमए के समादेशक ले.जन जयवीर सिंह नेगी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 354.45 मीटर और 407.35 मीटर लंबे इन अंडरपास के लिए 40 वर्षों से प्रयास किए जा रहे थे। 

इस अवसर पर आइएमए के पूर्व समादेशक ले.जनरल केके खन्ना के अलावा आइएमए के डिप्टी कमांडेंट मेजर जनरल जगजीत सिंह मंगत, उत्तराखंड सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल आरएस ठाकुर व मुख्य सचिव ओमप्रकाश भी उपस्थित थे। 

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