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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड में दक्ष पोर्टल बताएगा गुरु-शिष्य और शिक्षा विभाग की दक्षता, पढ़ि‍ए पूरी खबर

By Sunil NegiEdited By:
Published: Tue, 07 Sep 2021 10:57 AM (IST)

उत्‍तराखंड में अब दक्ष पोर्टल गुरु-शिष्य और शिक्षा विभाग की दक्षता बताएगा। एनआइसी की ओर से तैयार किए गए इस ...और पढ़ें

उत्‍तराखंड में दक्ष पोर्टल बताएगा गुरु-शिष्य और शिक्षा विभाग की दक्षता।
उत्‍तराखंड में दक्ष पोर्टल बताएगा गुरु-शिष्य और शिक्षा विभाग की दक्षता।

आयुष शर्मा, देहरादून। प्रदेश में अब छात्रों और शिक्षकों के साथ पूरे शिक्षा विभाग का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। तय मानकों पर खरा उतरने पर विभाग को अच्छी ग्रेडिंग मिलेगी और अगर कामकाज में ढिलाई की तो रिपोर्ट कार्ड बिगड़ेगा। यह संभव होगा शिक्षा महानिदेशालय, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) की ओर से तैयार किए गए पोर्टल 'दक्ष' से। खास बात यह है कि इस पोर्टल के माध्यम से सरकार और विभाग के साथ आम जनता भी प्रदेश में शिक्षा की स्थिति का जायजा ले सकेगी।

इस पोर्टल का उद्देश्य प्रदेश के हर छात्र, शिक्षक, स्कूल और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रदर्शन की गुणवत्ता का आकलन करना है। जिससे कमजोर पहलुओं को चिह्नित किया जा सके और उन्हें दूर कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। साथ ही इससे प्रदेश में शिक्षा विभाग के लिए बनी योजनाओं और खर्च हो रहे बजट का आउटपुट भी पता चलेगा। इस पोर्टल में अब तक प्रदेश के करीब 23 हजार स्कूलों, 10 लाख छात्रों, 56 हजार शिक्षकों और 1500 अधिकारियों का डाटा फीड किया जा चुका है।

पहले चरण में हर माह क्रमवार सात विद्यालयों की समीक्षा की जाएगी। जो शिक्षा महानिदेशालय और शासन स्तर के अधिकारी करेंगे। समीक्षा में सामने आने वाले कमजोर पहलुओं को दूर करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। भविष्य में स्कूलों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

ऐसे होगा आकलन

शिक्षा विभाग की ओर से सभी कक्षाओं के लिए मासिक परीक्षा का कार्यक्रम तैयार किया गया है। जिससे हर माह छात्रों का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। इसके अलावा एनसीईआरटी के मानक 'सीखने का प्रतिफल' यानी किस कक्षा में छात्रों को किस विषय में न्यूनतम कितना ज्ञान होना चाहिए के आधार पर छात्रों को परखा जाएगा। छात्रों के परिणाम के आधार पर विषयवार शिक्षकों और स्कूल का आकलन होगा। एससीईआरटी के निदेशक आरके कुंवर ने बताया कि स्कूल के प्रदर्शन के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी के साथ ब्लाक और जिला स्तर के अधिकारियों का आकलन होगा। वहीं, मंडल और निदेशालय के अधिकारियों की काबिलियत का आकलन जिले के मासिक परिणाम के आधार पर होगा।

आउटपुट के आधार पर ग्रेडिंग

हर शिक्षक, स्कूल और अधिकारी को उसके मासिक आउटपुट के आधार पर ग्रेडिंग मिलेगी। सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले को आउट स्टैंडिंग और इसके बाद वेरी गुड, गुड, सेटिस्फेक्ट्री व सबसे बुरा प्रदर्शन करने वाले को नीड्स टू इंप्रूवमेंट ग्रेडिंगग मिलेगी।

इन्होंने तैयार किया पोर्टल

दक्ष पोर्टल शिक्षा महानिदेशालय की निगरानी में तैयार किया गया। इसमें अपर निदेशक शिक्षा महानिदेशालय बंदना गर्ब्‍याल, एससीईआरटी निदेशक आरके कुंवर, प्रवक्ता एससीईआरटी अंकित जोशी, मुकेश बहुगुणा समेत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों ने सहयोग किया।

-बंशीधर तिवारी (शिक्षा महानिदेशक) ने बताया कि शिक्षा विभाग के कार्यों का आउटपुट देखने और इसमें सुधार के लिए दक्ष पोर्टल तैयार किया गया है। देश में यह पहला पोर्टल है, जिसमें हर स्तर पर इतनी बारीकी से समीक्षा हो सकेगी। जल्द ही इसे छात्रों, शिक्षकों और आमजन को समर्पित कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि पोर्टल पब्लिक डोमेन में होगा। इससे आमजन भी सरकारी विद्यालयों में हो रहे सुधार को देख सकेंगे।

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