विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड में साइकिल पर्यटन: पहाड़ों में रोजगार और पर्यावरण संरक्षण का नया मार्ग

Published: Thu, 04 Jun 2026 04:57 PM (IST)

उत्तराखंड साइकिल पर्यटन में नई संभावनाएं तलाश रहा है, जिससे रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।

बीते दिनों एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता में भाग लेते साइकिलिस्ट। सूवि

बीते दिनों एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता में भाग लेते साइकिलिस्ट। सूवि

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

अश्वनी त्रिपाठी, देहरादून। चारधाम यात्रा, ट्रेकिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए पहचान रखने वाला उत्तराखंड अब साइकिल पर्यटन में नई संभावनाएं तलाश रहा है।

कई देशों व भारत के कुछ राज्यों में सफल इस माडल के सहारे उत्तराखंड रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अवसर देख रहा है।

राज्य सरकार के अनुसार पहाड़, जंगल और कम यातायात वाले ग्रामीण मार्ग उत्तराखंड को देश के लोकप्रिय साइकिलिंग डेस्टिनेशन में बदल सकते हैं।

मसूरी, चकराता, धनोल्टी, टिहरी, कौसानी, नैनीताल, अल्मोड़ा और रानीखेत जैसे क्षेत्रों में साइकिल यात्राओं की अच्छी संभावनाएं हैं।

हालांकि राज्य में अभी साइकिल पर्यटन के लिए अलग नीति या समर्पित साइकिल ट्रेल नेटवर्क नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में शुरुआती पहल हुई है।

टिहरी झील क्षेत्र में सर्वाधिक संभावनाएं

सबसे अधिक संभावनाएं टिहरी झील क्षेत्र में दिखाई दे रही हैं। राज्य सरकार टिहरी को एडवेंचर पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित कर रही है।

टिहरी लेक फेस्टिवल, साहसिक खेलों के आयोजन और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के जरिए क्षेत्र को नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यहां सुनियोजित ढंग से साइकिल मार्ग विकसित किए जाएं तो टिहरी देश के प्रमुख साइकिल पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है।

इसके अलावा चकराता, धनोल्टी और टिहरी में समय-समय पर माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिताएं और साइकिल रैलियां भी आयोजित की जा रही हैं।

देश-दुनिया से सीख

नीदरलैंड, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में साइकिल पर्यटन उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हजारों किलोमीटर लंबे साइकिल मार्ग हर वर्ष लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

भारत में केरल ने ग्रामीण साइकिल पर्यटन को अपने पर्यटन माडल से जोड़ा है, जबकि गोवा ने समुद्र तटों और ग्रामीण क्षेत्रों को साइकिल रूट के माध्यम से जोड़कर पर्यटकों का नया वर्ग तैयार किया है।

नीति का इंतजार

यदि राज्य सरकार साइकिल पर्यटन के लिए स्पष्ट नीति बनाकर संभावित मार्गों की मैपिंग कराए और निजी क्षेत्र को जोड़े, तो टिहरी, चकराता, अल्मोड़ा और नैनीताल जैसे क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर के साइकिलिंग डेस्टिनेशन बन सकते हैं।

राज्य में साइकिल पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए विभिन्न पर्यटन स्थलों पर उपयुक्त मार्गों का चिह्नीकरण किया जा रहा है। सुरक्षित और आकर्षक साइकिल रूट विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण अनुकूल पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को बढ़ावा मिल सके।
-पंकज पांडेय, सचिव, लोक निर्माण विभाग

यह भी पढ़ें- नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन: चमोली की नीती घाटी में माउंटेन बाइकिंग का रोमांचक समापन

यह भी पढ़ें- हिमाचल में फिर लौटेगा 'वर्ल्ड कप' का रोमांच, अनुराग शर्मा ने एडवेंचर स्पोर्ट्स को लेकर की बड़ी घोषणा