हिमाचल में फिर लौटेगा 'वर्ल्ड कप' का रोमांच, अनुराग शर्मा ने एडवेंचर स्पोर्ट्स को लेकर की बड़ी घोषणा
राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने हिमाचल में एडवेंचर स्पोर्ट्स बंद करने के बजाय सुधार पर जोर दिया। उन्होंने पैराग्लाइडिंग और ...और पढ़ें
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आरडीजी ग्रांट मुद्दा केंद्र में उठाने का एलान (फोटो: जागरण)

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संवाद सहयोगी, कुल्लू। राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने हिमाचल में एडवेंचर स्पोर्ट्स को लेकर उठ रहे विवादों और आरोपों पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि साहसिक गतिविधियों को बंद करने की बजाय उनकी कमियों को दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पैराग्लाइडिंग और राफ्टिंग जैसे खेल प्रदेश की पहचान हैं और इन्हें सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह कहना गलत है कि खराब उपकरणों के साथ उड़ान करवाई जाती है। पैराग्लाइडिंग और राफ्टिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की दो बार जांच की जाती है, जो अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान द्वारा सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाएं किसी भी एडवेंचर स्पोर्ट्स का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाता।
सांसद शर्मा ने बताया कि प्रदेश में करीब 2200 पायलट पंजीकृत हैं और सभी गतिविधियां नियमों के तहत संचालित होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2012 में एयरो स्पोर्ट्स के नियम बनाए गए थे, जिसके बाद लाइसेंस प्रक्रिया को व्यवस्थित किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2017 से 2026 के बीच नौ विदेशी पर्यटकों और नौ टेंडम उड़ानों में मौत के मामले सामने आए हैं, लेकिन इन आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना गलत है।
वहीं, सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान तथ्यहीन हैं और इससे प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे जिम्मेदारी से बयान दें और अफवाहों से बचें। अनुराग शर्मा ने यह भी कहा कि आरडीजी ग्रांट को बंद करने के मुद्दे को प्रमुखता से केंद्र में उठाया जाएगा और हिमाचल के सभी सांसदों का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने मनरेगा में हुए बदलावों को लेकर भी आवाज उठाने की बात कही।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए वर्ल्ड कप प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। 2024 में सफल आयोजन के बाद इस वर्ष भी वर्ल्ड कप कराने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में कोई प्रतियोगिता नहीं करवाई गई थी, जबकि कांग्रेस सरकार के समय दो बार वर्ल्ड कप आयोजित किए गए थे।
सांसद ने स्पष्ट किया कि हिमाचल के हितों के लिए पार्टी से ऊपर उठकर काम किया जाएगा और भुभु जोत टनल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।
