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बीमा कंपनी ने गाय के सींगों में अंतर को आधार बनाकर खारिज कर दिया था क्लेम, टैग नंबर ने खोली पहचान तो देना पड़ा मुआवजा

Published: Mon, 21 Sep 2026 07:26 PM (IST)

बीमा कंपनी ने गाय के सींगों में अंतर को आधार बनाकर बीमा क्लेम खारिज कर दिया था। जिला उपभोक्ता आयोग ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, देहरादून। बीमा कंपनी ने गाय के सींगों में अंतर को आधार बनाकर उसका क्लेम खारिज कर दिया। मामला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पहुंचा तो गाय की पहचान उसके कान में लगे टैग नंबर से हुई। जांच में मृत गाय के कान में वही टैग मिला, जो बीमा के समय कंपनी ने लगाया था।

आयोग ने इसे निर्णायक तथ्य मानते हुए न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को 50 हजार रुपये का क्लेम देने के आदेश दिए हैं। कंपनी को 10 हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये वाद खर्च भी देना होगा।

लक्ष्मीपुरम, लोअर तुनवाला निवासी अनिल जोशी ने वर्ष 2018 में गाय खरीदने के लिए पंजाब नेशनल बैंक से ऋण लिया था। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने 19 फरवरी 2018 से 18 फरवरी 2019 तक गाय का 50 हजार रुपये का बीमा किया।

बीमित पशु के लिए टैग नंबर जारी किया गया था। 11 मार्च 2018 को बीमा अवधि के दौरान गाय की अचानक मौत हो गई। जोशी ने बैंक और बीमा कंपनी को इसकी सूचना दी और नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया।

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इसके बाद क्लेम किया गया, लेकिन बीमा कंपनी ने दावा खारिज कर दिया। कंपनी का तर्क था कि बीमित गाय और मृत गाय के सींग अलग हैं। जोशी ने इसके खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दाखिल किया।

सुनवाई में सामने आया कि मृत गाय के कान में वही टैग लगा था, जो बीमा कंपनी ने जारी किया था। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने भी यह टैग परिवादी को सौंपा था और बीमा कंपनी के जांचकर्ता को उपलब्ध कराया गया था।

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आयोग के अध्यक्ष पुष्पेन्द्र खरे और सदस्य अल्का नेगी ने अपने फैसले में कहा कि पशु की मुख्य पहचान बीमा कंपनी के टैग नंबर से होती है। ऐसे में केवल सींगों में अंतर के आधार पर क्लेम खारिज करना उचित नहीं है।

आयोग ने कंपनी को 45 दिन में भुगतान करने के आदेश दिए हैं। देरी होने पर परिवाद दाखिल करने की तारीख से वास्तविक भुगतान तक सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।

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