देहरादून MBBS फर्जीवाड़ा: स्वतंत्रता सेनानी के धर्मवीर वर्मा के बेटे के बयान दर्ज, SIT की जांच तेज
एसआईटी ने स्वतंत्रता सेनानी आश्रित के फर्जी प्रमाणपत्र से एमबीबीएस दाखिले के मामले में जांच शुरू कर दी है। टीम ...और पढ़ें

एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल।
HighLights
एसआईटी ने फर्जी एमबीबीएस दाखिला मामले में जांच शुरू की।
स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा के बेटे मनोज के बयान दर्ज हुए।
आरोपितों ने फर्जी पते और आधार कार्ड का उपयोग किया।
जागरण संवाददाता, देहरादून। स्वतंत्रता सेनानी आश्रित का फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर एमबीबीएस में दाखिला लेने के फर्जीवाड़े में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच शुरू कर दी है। शनिवार को एसआईटी ने स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा के बेटे मनोज के बयान दर्ज किए। रायपुर व क्लेमेनटाउन थाने में दर्ज दोनों मुकदमों में आरोपित चार युवतियों ने खुद को धर्मवीर की पोती व नातिन बनकर कोटे का लाभ लिया।
हालांकि अपने बयानों में मनोज कुमार ने बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करते हैं, लेकिन उन्होंने आज तक कभी अपने पिता के प्रमाणपत्र का इस्तेमाल नहीं किया। ऐसे में अब एसआईटी यह जानकारी जुटा रही है कि आरोपितों ने किस तरह स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा के नाम से फर्जी प्रमाणपत्र बनाए।
एसआईटी अब दोनों मुकदमाें में नामजद आरोपित तृप्ति व उसकी मां उमा रानी और कुमारी खुशी, परी व स्वाति की तलाश में जुट गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले का पर्दाफाश हो सकेगा।
क्लेमेनटाउन व रायपुर थाने में दर्ज मुकदमों में दोनों शिकायतकर्ता-पटवारियों के हुए बयान
दूसरी ओर इस मामले में क्लेमेनटाउन व रायपुर थाना पुलिस दोनों शिकायतकर्ता पटवारियों के बयान दर्ज कर चुकी है। बयानों के आधार पर पुलिस अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस की ओर से अब तक हुई जांच में सामने आया है कि फर्जी प्रमाणपत्र बनाने की संख्या दो ही नहीं, बल्कि इससे अधिक हो सकती है। ऐसे में जांच में सामने आएगा कि आखिर इन प्रमाणपत्रों को कहां-कहां इस्तेमाल किया गया। यदि फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाला गिरोह है तो उसकी जड़ें कहां-कहां फैली हुई हैं।
आरोपितों ने दस्तावेजों में फर्जी पते दर्ज कराए
एसआईटी की जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपितों ने एमबीबीएस में दाखिला लेने के लिए जो फर्जी प्रमाणपत्र बनाए, उन सभी में फर्जी पते दर्ज कराए। यहां तक कि आधार कार्ड भी फर्जीवाड़ा कर बनाया गया था। पुलिस जब आरोपितों के घरों पर पहुंची तो पता चला कि आरोपित दिए पते पर कभी रहे ही नहीं हैं। ऐसे में एसआइटी की पूरी जांच फरार चल रहे पांचों आरोपितों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।
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एडीएम कार्यालय में खंगाली पत्रावली
एसआईटी ने शनिवार को एडीएम के कार्यालय में जाकर कुछ पत्रावलियां भी खंगाली हैं। बताया जा रहा है कि कुछ पत्रावलियां टीम ने अपने कब्जे में लिए हैं। एसआईटी अब इन दस्तावेजों को बारीकी से खंगालेगी। जल्द ही एसआइटी अन्य कार्यालयों में जाकर भी दस्तावेज खंगालेगी।
