देहरादून, राज्य ब्यूरो। नए बजट के खर्च को लेकर गाइडलाइन को लेकर महकमों को कुछ वक्त इंतजार करना पड़ सकता है। लॉकडाउन के चलते राज्य सरकार को केंद्र से नई गाइडलाइन मिलने का इंतजार है। नए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 53526.99 करोड़ बजट को बीती 25 मार्च को विधानसभा ने पारित किया था। इसके बाद नए बजट विधेयक को राजभवन से मंजूरी मिलने के बाद अब सरकार की ओर से बजट खर्च के संबंध में नई गाइडलाइन जारी की जाएगी।

इस वक्त केंद्र और राज्य की सरकारों का पूरा जोर कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने पर है। इसके मद्देनजर 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू है। राज्य सरकार उपलब्ध बजट का बड़ा हिस्सा कोरोना से बचाव की तैयारियों और लॉकडाउन से हो रही दिक्कतों को दूर करने पर खर्च कर रही है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्र से बजट के संबंध में नई गाइडलाइन आ सकती है। ऐसे में सरकार को केंद्र सरकार के निर्देशों का इंतजार है। दरअसल, कोरोना के खिलाफ जंग में सरकार अपने पास उपलब्ध तकरीबन सभी संसाधनों को झोंक रही है। राजस्व संसाधन सरकार के पास सीमित हैं। 

लॉकडाउन के चलते जीएसटी, स्टांप-रजिस्ट्रेशन, खनन, आबकारी आदि से राजस्व वसूली तकरीबन ठप है। सीमित संसाधनों की वजह से सरकार नई गाइडलाइन को लेकर पूरी तरह एहतियात बरत रही है। संपर्क करने पर वित्त सचिव अमित नेगी ने कहा कि जल्द नई गाइडलाइन जारी की जाएगी। 

नाबार्ड से कई विकास योजनाओं को मंजूरी 

लॉकडाउन के चलते जब सबसे ज्यादा असर आर्थिक संसाधनों पर पड़ रहा हो, ऐसे में राज्य सरकार के लिए राहतभरी खबर भी है।

नए चिकित्सकों को वर्तमान तैनाती स्थल पर ही ज्वाइनिंग की छूट

शासन ने हाल में नियुक्त किए गए 201 चिकित्सकों को उनकी वर्तमान तैनाती स्थल पर ही ज्वाइनिंग करने की छूट दी है। जो प्रदेश में कहीं तैनात नहीं है उन्हें संबंधित जिलों में और प्रदेश के बाहर के चिकित्सकों को उनके नजदीकी उत्तराखंड के जनपद में ज्वानिंग करने को कहा गया है। लॉकडाउन के कारण चिकित्सकों की सहूलियत को देखते हुए शासन ने यह व्यवस्था की है। सचिव स्वास्थ्य नितेश झा द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।

यह भी पढ़ें: coronavirus से जंग लड़ रहे 68457 कार्मिकों को बड़ी राहत, मिलेगा बीमा का लाभ

इनमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि नए चिकित्सकों के दस्तावेज और अन्य परीक्षण कोरोना में नियंत्रण के बाद किए जाएंगे। यदि कहीं भी कोई त्रुटि पाई जाती है तो उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। जिलो में सीएमओ के समक्ष ज्वाइनिंग देने के पश्चात ही आवश्यकता के अनुसार अस्पतालों में उनकी तैनाती की जाएगी। शेष सेवा शर्तें पूर्ववत रखी गई हैं।

यह भी पढ़ें: ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजे 11111 रुपये, पढ़ें पूरी खबर

 

Posted By: Raksha Panthari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस