देहरादून, जेएनएन। वर्तमान समय में कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में फैल रहा है। भारत में भी मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसकी चपेट में हर उम्र के लोग आ रहे हैं। इस बीच सबसे ज्यादा चिंता गर्भवती महिलाएं की है। अभी इस बात को लेकर कोई ठोस जानकारी अथवा अध्ययन सामने नहीं आया है कि गर्भवती महिलाओं में आम लोगों के मुकाबले कोरोना संक्रमण होने का खतरा ज्यादा है या फिर नहीं। पर गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं इसलिए उन्हें कोई भी इंफेक्शन या फ्लू आसानी से हो सकता है। इसलिए वर्तमान समय में गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दी जाती है। 

अरिहंत हॉस्पिटल की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. विदुषी ज्याला जैन का कहना है कि गर्भावस्था में इम्यून सिस्टम का बेहतर होना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि बच्चे की सेहत भी मां की सेहत से ही जुड़ी होती है। ऐसे में अगर मां को इंफेक्शन हो जाए तो बच्चे की सेहत भी खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में गर्भवती महिला चाहे तो अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल कर सकती है जिससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके औऱ प्रसव सामान्य और सुरक्षित हो सके।

ये रखें डाइट

  • डिलीवरी नॉर्मल हो इसके लिए डाइट में पूरे नौ महीने तक दाल और फली का सेवन जरूर करें। पकी दाल 15 ग्राम प्रोटीन प्रदान करती है।
  • सामान्य डिलीवरी के लिए संतरे का सेवन भी फायदेमंद होता है। इसमें 90 प्रतिशत पानी होता है। इसके अलावा संतरे में विटामिन सी पर्याप्त मात्र में होता है, जो शिशु की त्वचा को नरम और सुंदर बनाता है।
  • गर्भावस्था के समय महिला को प्रोटीन और कैल्शियम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इसलिए दैनिक आहार में ग्रीक योगर्ट और डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें।
  • कम वसा वाले मीट में आयरन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है। ये हीमोग्लोबिन की कमी पूरी करता है।
  • नॉर्मल डिलीवरी के लिए गर्भवती महिलाओं को पूरे नौ महीनों तक शकरकंद खाने की सलाह दी जाती है। क्योंकि शकरकंद में बीटा कैरोटीन भरपूर मात्र में होता है। यह शिशु के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है।
  • सामान्य प्रसव के लिए ब्रोकोली खाना भी अच्छा रहता है। इसमें फॉलेट, कैल्शियम और विटामिन सी पर्याप्त मात्र में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें फाइबर भी होता है, जो कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में मददगार है।
  • प्रसव के दौरान थकान होना एक बहुत ही आम बात है। ऐसे में केला आपको अधिक ऊर्जा प्रदान कर थकान के प्रभाव को कम करता है। 

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