उत्तराखंड में अब होंगे उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग, पढ़िए पूरी खबर
उत्तराखंड में राज्य और जिलों में अब उपभोक्ता संरक्षण फोरम का स्थान उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग लेंगे। राज्यस्तरीय आयोग में अध्यक्ष समेत चार और जिलास्तरीय आयोग में कुल तीन सदस्य होंगे। दोनों आयोगों के अध्यक्षों व सदस्यों का वेतन भी तय कर दिया गया है।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में राज्य और जिलों में अब उपभोक्ता संरक्षण फोरम का स्थान उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग लेंगे। राज्यस्तरीय आयोग में अध्यक्ष समेत चार और जिलास्तरीय आयोग में कुल तीन सदस्य होंगे। दोनों आयोगों के अध्यक्षों व सदस्यों का वेतन भी तय कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने उत्तराखंड उपभोक्ता संरक्षण (राज्य आयोग एवं जिला आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की सेवा शर्तें, वेतन और भत्ते) संबंधी नियमावली जारी की हैं। अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया और वेतन-भत्ते के संबंध में अलग-अलग जारी नियमावलियों में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रविधानों को ही अमूमन राज्य सरकार ने स्वीकार किया है। इन नियमावलियों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। शुक्रवार को उक्त नियमावलियों की अधिसूचनाएं खाद्य सचिव सुशील कुमार ने जारी की।
केंद्रीय अधिनियम के तहत बनाई गई व्यवस्था में अब राज्य और जिला स्तरीय दोनों आयोगों में पूर्णकालिक सदस्यों को सम्मानजनक वेतन मिलेगा। साथ ही प्रथम श्रेणी अधिकारियों की भांति चिकित्सा, वाहन समेत तमाम सुविधाएं मिलेंगी। राज्यस्तरीय आयोग के अध्यक्ष को हाईकोर्ट के सेवारत न्यायाधीश के बराबर वेतन व सुविधाएं मिलेंगी। वहीं सदस्यों को राज्य के अपर सचिव के बराबर वेतन मिलेगा। इसी तरह जिलास्तरीय आयोग में अध्यक्ष को सेवारत जिला न्यायाधीश के बराबर वेतन व सुविधाएं मिलेंगी। सदस्यों को राज्य के उप सचिव के समान वेतन दिया जाएगा।
दोनों आयोग में सदस्यों की तीन सदस्य चयन समिति के अध्यक्ष हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की ओर से नामित न्यायाधीश होंगे। समिति के अन्य दो सदस्यों में उपभोक्ता मामलों के सचिव और मुख्य सचिव की ओर से नामित एक सदस्य शामिल होंगे। राज्य आयोग में अध्यक्ष और तीन सदस्य, जबकि जिला आयोग में अध्यक्ष व दो सदस्य होंगे। अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए नियमावली जारी होने से अब नए सिरे से दोनों आयोगों में रिक्त पदों पर भर्तियां होंगी। राज्य आयोग और चार जिलों देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल के जिला आयोगों में अध्यक्षों व सदस्यों का चयन केंद्र सरकार की अधिसूचना के मुताबिक होगा।राज्य आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के लिए पात्रता:
- अध्यक्ष के लिए उच्च न्यायालय का वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश होना आवश्यक
- सदस्य के लिए जिला न्यायालय के पीठासीन अधिकारी या किसी न्यायाधिकरण में समकक्ष स्तर में या दोनों में संयुक्त रूप से न्यूनतम दस वर्ष का अनुभव जरूरी
- उपभोक्ता मामले, विधि, लोक मामले, प्रशासन, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, उद्योग, वित्त, प्रबंधन, अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी, लोक स्वास्थ्य या औषधि में विशेष ज्ञान और न्यूनतम 20 वर्ष का अनुभव।
- राज्य आयोग में न्यूनतम एक सदस्य या अध्यक्ष महिला होगी
जिला आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के लिए पात्रता:
- अध्यक्ष के लिए जिला न्यायालय का वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश होना जरूरी
- सदस्य के लिए आयु न्यूनतम 35 वर्ष, स्नातक डिग्रीधारक
- सदस्यों के लिए उपभोक्ता मामले, विधि, लोक मामले, प्रशासन, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, उद्योग, वित्त, प्रबंधन, अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी, लोक स्वास्थ्य या औषधि में विशेष ज्ञान और न्यूनतम 15 वर्ष का अनुभव।
यह भी पढ़ें: CM त्रिवेंद्र रावत बोले, ई-ऑक्शन से वन विकास निगम के राजस्व में होगी वृद्धि
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।