जागरण संवाददाता, देहरादून: चुनाव के दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की पुलिस एक-दूसरे का सहयोग करेंगी। इस पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई तीनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों की बैठक में सहमति बनी।

मंगलवार को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार की अध्यक्षता में तीनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों की समन्वय बैठक हुई। डीजीपी ने बताया कि तीनों राज्यों की पुलिस आपस में समन्वय बनाकर कार्य करेंगी, जिससे अपराधी सीमा का फायदा उठाकर चुनाव को प्रभावित न कर पाएं। बैठक में नशीले पदार्थो, शस्त्र और नकदी की तस्करी को रोकने के लिए रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही वाछितों और इनामी बदमाशों की सूची का आदान-प्रदान करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उत्तर प्रदेश से अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन राजीव सभरवाल, अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन राज कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था डा. संजीव कुमार गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र डा. प्रीतिंदर सिंह व मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बरेली, पीलीभीत के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और हिमाचल प्रदेश से पुलिस महानिरीक्षक कल्याण डीके यादव, पुलिस अधीक्षक सिरमौर उमापति जामवाल, पुलिस अधीक्षक शिमला मोनिका डुंगरू आदि मौजूद रहे। उत्तराखंड से बैठक में सीमावर्ती जिलों के प्रभारी और रेंज अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में यह निर्णय भी लिए गए

-आपराधिक और गैर सामाजिक तत्व, जो चुनाव प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। उनके खिलाफ गुंडा और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।

-चुनाव के दौरान सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने, दुष्प्रचार फैलाने वाले व्यक्तियों को चिह्नित कर उन पर नजर रखी जाए। इंटरनेट मीडिया पर भी इस तरह के व्यक्तियों की हरकत पर नजर रखने का निर्णय लिया गया।

-हर अंतरराज्यीय बैरियर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, 24 घटे संयुक्त चेकिंग और आपसी समन्वय से कर्मियों की तैनाती सहित सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के लिए वायरलेस सेट स्थापित किए जाएंगे। वाट्सएप ग्रुप बनाकर भी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।

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