उत्तराखंड में मतदाता सूची से नौ लाख नाम हटे, कांग्रेस ने SIR पर उठाये गंभीर सवाल
कांग्रेस ने उत्तराखंड की मतदाता सूची से विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद हटाए गए नौ लाख नामों पर चिंता जताई ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद प्रदेश की मतदाता सूची से करीब नौ लाख नान-वोटर्स के नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस ने चिंता जताई है।
पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष राजकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम से मुलाकात कर मतदाता सूची से जुड़ी समस्याएं उठाईं।
प्रतिनिधिमंडल ने पात्र नागरिकों के नाम किसी त्रुटि के कारण सूची से बाहर रह जाने की आशंका को देखते हुए पुनः जांच कराने की मांग की। राजकुमार ने विशेष रूप से राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि एसआइआर के बाद क्षेत्र के 39,046 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने के बाद यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। उन्होंने पात्र लोगों को नाम दोबारा जुड़वाने के लिए पर्याप्त अवसर देने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने फार्म-6 में आ रही तकनीकी एवं व्यावहारिक दिक्कतों का मुद्दा भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष रखा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन के तौर-तरीकों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।
ऐसे में निर्वाचन विभाग को व्यापक जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि एसआइआर के बाद बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। ऐसे में पात्र नागरिकों के नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए।
