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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली में किसानों पर लाठीचार्ज का कांग्रेस ने किया विरोध, पढ़िए पूरी खबर

By Sunil NegiEdited By:
Published: Wed, 27 Jan 2021 05:44 PM (IST)Updated: Wed, 27 Jan 2021 09:16 PM (IST)

महानगर कांग्रेसजनों ने दिल्ली ट्रैक्टर परेड के दौरान किसानों पर लाठीचार्ज के आरोप लगाए और विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार ...और पढ़ें

महानगर कांग्रेसजनों ने विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।
महानगर कांग्रेसजनों ने विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।

जागरण संवाददाता, देहरादून। महानगर कांग्रेसजनों ने दिल्ली ट्रैक्टर परेड के दौरान किसानों पर लाठीचार्ज के आरोप लगाए और विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लाल चंद शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसजन बुधवार सुबह 11 बजे राजपुर रोड स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एकत्रित हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए एस्लेहाल चौक पर पहुंचे। इसके बाद केंद्र सरकार के पुतले को आग के हवाले कर दिया। युवा कांग्रेस व एनएसयूआइ के कार्यकर्त्‍ताओं ने केंद्र सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने दावा किया कि किसानों के हक की लड़ाई में पूरा देश किसानों के साथ खड़ा है। उन्‍होंने कहा केंद्र सरकार के मनमानी को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। किसानों पर लाठी-डंडे का प्रयोग कर आवाज दबाना शर्मनाक हरकत है। अगर सरकार ने तीनों किसान कानूनों को वापस नहीं लिए तो कांग्रेस पार्टी का सड़क से लेकर विधानसभा व संसद तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा की देश के करोड़ों जनों का पेट भरने वाले किसानों पर हुए लाठीचार्ज की कांग्रेस कड़ी निंदा करती है। इस दौरान महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा की आज राष्ट्रवाद का ढोंग वे लोग कर रहे हैं, जिन्होनें कभी तिरंगे को अपनाया ही नहीं था।

उन्होंने कहा अगस्त 2013 को नागपुर की एक निचली अदालत ने वर्ष 2001 के एक मामले में दोषी तीन आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया था। इन तीनों पर यह आरोप था कि बाबा मेंढे, रमेश कलम्बे व दिलीप चटवानी का जुर्म तथाकथित रूप से सिर्फ इतना था कि वे 26 जनवरी 2001 को नागपुर के रेशमीबाग स्थित आरएसएस मुख्यालय में घुसकर गणतंत्र दिवस पर तिरंगा झंडा फहराने के प्रयास में शामिल थे।

राष्ट्रप्रेमी युवा दल के यह तीनों सदस्य दरअसल इस बात से क्षुब्ध थे कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर भी आरएसएस के दफ्तरों में कभी तिरंगा नहीं फहराया जाता। उन्होने कहा और महत्वपूर्ण बात यह है कि जब ट्रैक्टर परेड का मार्ग निर्धारित किया जा चुका था तो निर्धारित रास्ते पर पुलिस ने बेरीकेटस लगाने व आंसू गैस के गोले बरसाए। 

पुतला दहन में पार्षद रमेश कुमार मंगू, पार्षद अनूप कपूर, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नीनू सहगल, अर्जुन सोनकर, सोम प्रकाश बाल्मीकि, अरुण शर्मा, सिद्धार्थ वर्मा, गुलशेर मोहम्मद, कैंट प्रभारी जगदीश धीमान, फारूक राव, डॉ. रवलीन कौर, महानगर प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, देविका रानी, मीना रावत, सरिता रानी, अमृता कौशल, रजनी राठौर, जया भारद्वाज, संजय शर्मा, तरुण भारद्वाज आदि मौजूद रहे। 

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