देहरादून, राज्य ब्यूरो। कांग्रेस ने अब अस्थायी कर्मचारियों के संबंध में नीति पर सवाल दागते हुए प्रदेश सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अतिथि शिक्षकों और उपनल कर्मियों को राज्य में न्याय नहीं मिलने पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय व प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आपातकालीन सेवा 108 और खुशियों की सवारी योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों के रोजगार पर मंडरा रहे संकट का विरोध करते हुए कर्मचारियों के प्रति समर्थन जताया है।

प्रदेश में लोकसभा चुनाव का पहला चरण 11 अप्रैल को संपन्न हो चुका है। कांग्रेस ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी तेज कर दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को फेसबुक पर अतिथि शिक्षकों और उपनल कर्मचारियों के बारे में राज्य सरकार के मौजूदा रुख पर सख्त आपत्ति की।

उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षक से लेकर उपनल कर्मियों के लिए या ऐसे ही कर्मचारियों के लिए दिल्ली और हरियाणा में एक प्रकार का न्यायिक निर्णय और उत्तराखंड में दूसरी तरह का न्यायिक निर्णय समझ से परे है। दिल्ली और हरियाणा की सरकारें ऐसे लोगों को न्याय दिलाना चाहती थीं। उन्होंने आरोप मढ़ा कि राज्य सरकार ने उपनल कर्मियों से लेकर अतिथि शिक्षक से पल्ला झाडऩा चाहती है। जनता से सरकार पर दबाव बनाने का आह्वान  किया। 

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार ने 108 और खुशियों की सवारी योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इससे बेरोजगार कर्मचारियों के परिवार भुखमरी के कगार पर हैं। यह अत्यंत चिंतनीय और राज्य की अवधारणा को कठघरे में खड़ा करता है। सरकार को इन कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकालना चाहिए। इन कर्मचारियों के प्रति पूर्ण समर्थन है। 

वहीं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों से आपातकालीन 108 सेवा व खुशियों की सवारी का संचालन करने वाली कंपनी से काम वापस लेकर मध्य प्रदेश की एक ऐसी कंपनी को संचालन का काम दिया जा रहा है, जिसे इन सेवाओं के संचालन का अनुभव नहीं है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के सामने ये मुद्दा उठाया जा रहा है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नई कंपनी पुराने किसी भी कर्मचारी की सेवा समाप्त न करे और उनके वेतन-भत्तों में भी किसी प्रकार की कटौती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उक्त कार्मिकों के धरने में कांग्रेस शिरकत करेगी। इसमें कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी शामिल होंगे। 

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