देहरादून, जेएनएन। हद देखिए। सरकार व शासन दून महिला अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं, पर अस्पताल प्रशासन कार्यशैली बदलने को तैयार नहीं है। इसका एक उदाहरण है अस्पताल का लेबर रूम। अस्पताल में आने वाले मरीज और तीमारदार शौचालयों की कमी से परेशानी झेल रहे हैं और लेबर रूम के शौचालय स्टोर में तब्दील कर दिए गए हैं। गुरुवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने सामान हटवाकर शौचालय खुलवाए। 

दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में शौचालय में प्रसव उपरांत नवजात की मौत के बाद अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए स्वास्थ्य सचिव ने निरीक्षण किया था। वह कई बार अधिकारियों की बैठक ले चुके हैं और अस्पताल प्रशासन को व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए हैं। पर कुछ अधिकारी इसे लेकर गंभीर नहीं है।

गुरुवार को दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केसी पंत के साथ महिला अस्पताल का दौरा किया। जहां उन्होंने पाया कि लेबर रूम के शौचालय स्टोर में तब्दील हैं। उन्होंने कर्मचारियों को तुरंत टायलेट खोलने के निर्देश दिए। साथही वार्डों का दौरा कर सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त करने केनिर्देश दिए। उधर, स्वास्थ्य सचिव नितेश झा दून महिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर खुद नजर रखे हुए है। सोमवार को वह दोबारा निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। 

यह भी पढ़ें: ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीजों को राहत, ओटी का समय बढ़ाया

यह भी पढ़ें: अब निजी अस्पतालों में होगा मुफ्त प्रसव, सरकार उठा रही ये कदम

यह भी पढ़ें: दून मेडिकल कॉलेज में उत्तराखंड के मरीजों को प्राथमिकता, उठाएंगे ये कदम

Posted By: Raksha Panthari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस