देहरादून, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कांग्रेस के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना साधा। हरीश रावत की गन्ना यात्रा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि रावत अपनी पार्टी के नेताओं को कन्फ्यूज कर रहे हैं। हरीश रावत यह बताना चाहते हैं कि वह हरिद्वार से भी चुनाव लड़ सकते हैं और नैनीताल से भी। वहां वह मौसमी, नींबू व चटनी की पार्टी करते हैं तो हरिद्वार में गन्ना यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरीश रावत की यात्राएं कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई को प्रदर्शित करती हैं।

कांग्रेस की ओर से सरकार के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस कन्फ्यूज्ड है। वह समझ नहीं पा रही है कि करे तो क्या करे। इसलिए वह समय-समय पर ऐसी बातें करती रहती है। 

किसानों की ऋण माफी से संबंधित सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस द्वारा राजनीतिक कारणों से कर्ज माफी की बात की जाती है। मध्य प्रदेश व पंजाब में जो कर्जमाफी गई है, उसमें केवल फसली ऋण शामिल है और यह भी 2008 से पहले के हैं, जो पहले ही बट्टे खाते में जा चुके थे। इससे साफ है कि कांग्रेस की कर्जमाफी सिर्फ छलावा है।

पिछड़े सवर्णो को आरक्षण बिल ऐतिहासिक: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णां को 10 फीसद आरक्षण दिए जाने संबंधी विधेयक राज्यसभा में पास होने को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस ऐतिहासिक पहल को अब कानूनी स्वरूप मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को भी आरक्षण की सुविधा का मार्ग प्रशस्त हो गया है। 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को 21 वीं सदी का आंबेडकर बताते हुए कहा कि उनके द्वारा गरीबों के हित में यह निर्णय लिया गया। अब संसद ने भी इस पर मुहर लगाई है। इस नए अध्याय की शुरुआत के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि एक गरीब के बेटे ने सबके बारे में सोच है। सबका साथ-सबका विकास की सोच को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। 

उधर, राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने कहा कि वह भी इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बने। सवर्ण आरक्षण बिल के पक्ष में मतदान करने का उन्हें सौभाग्य मिला। यह बिल नि:संदेह सवर्ण समाज के गरीब, वंचित और मुख्यधारा से बिछड़े लोगों को सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह यह दूरगामी निर्णय 'सबका साथ सबका विकास' के सूत्रवाक्य को और समरसता प्रदान करता है।

आरक्षण के पूर्व के ढाचे को छेड़े बिना केंद्र सरकार द्वारा गरीब सवर्णो के हित में लिया गया यह फैसला सपूंर्ण राष्ट्र को मजबूती देगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। कहा कि इससे उत्तराखंड के सवर्णों को भी लाभ मिलेगा।

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Posted By: Bhanu

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