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    CM धामी ने की समीक्षा बैठक, बोले- नदी-नालों के किनारे अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने को सर्वे कराएं DM

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 10:34 AM (IST)

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की समीक्षा की और नदी किनारे रहने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नदियों के जलस्तर की निगरानी और अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और बांधों की निगरानी के लिए भी निर्देश जारी किए। उन्होंने जिला प्रशासन के कार्यों की सराहना की।

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    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्याें की समीक्षा के दौरान दिए निर्देश

    राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्याें की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी रखी जाए और खतरे की आशंका होने पर आसपास रहने वालों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए।

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    मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि नदी-नालों के किनारों पर किसी तरह का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। साथ ही निर्देश दिए कि जहां कहीं भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण हो तो उसे हटाने के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारी विस्तृत सर्वे कराना सुनिश्चत करें।

    वर्षाकाल बीतते ही दुरुस्त की जाएं सड़कें

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा कम होने पर चार धाम यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। त्योहारों का सीजन भी आ रहा है। इसे देखते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द ठीक करने का काम किया जाए। उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर के साथ ही अन्य जो भी औपचारिकताएं की जानी हैं, उन्हें समय पर पूरा कर लें। वर्षाकाल बीतते ही काम प्रारंभ कर दिया जाए। उन्होंने सभी संवेदनशील स्थानों में सड़क खोलने के लिए जेसीबी, पोकलैंड तथा अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

    बांधों में सिंचाई विभाग के अधिकारियों की तैनाती करें

    राज्य में बांधों की प्रभावी निगरानी के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों की तैनाती करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि बांध से पानी छोड़े जाने की पूर्व सूचना नियमित तौर पर जिला प्रशासन को दी जाए। अपरिहार्य परिस्थिति में बांध से अधिक पानी छोड़ने की दशा में सभी संबंधित जनपदों के स्तर पर जान-माल की सुरक्षा के लिए समय रहते इंतजाम कर लिए जाएं।

    एक दूसरे के संपर्क में रहे जिले

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए यह आवश्यक है कि सभी जनपद आपस में समन्वय बनाते हुए सूचनाओं का आदान-प्रदान करते रहें। पहाड़ों में वर्षा के कारण कहीं न कहीं मैदानी जनपदों में बाढ़ तथा जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे निबटने के लिए उन्होंने बोट, राफ्ट तथा जल निकासी के लिए पंप आदि की समुचित व्यवस्था रखने को कहा।

    जिलों के डीएम-एसएसपी का हौसला बढ़ाया

    मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों की ओर से किए जा रहे आपदा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए उनके नेतृत्व क्षमता की सराहना की और कहा कि ब्लाक तथा तहसील स्तर के अधिकारियों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों तक समय पर सही सूचनाएं तथा अलर्ट पहुंचें, यह बहुत जरूरी है। आपदाओं से क्षति के न्यूनीकरण के लिए सामुदायिक सहभागिता तथा लोगों का जागरूक होना आवश्यक है।

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    सर्वे के लिए टीमें गठित करें

    मुख्यमंत्री ने आपदा से क्षति के आकलन के दृष्टिगत जल्द सर्वे कराने और इसके लिए विभिन्न विभागों की टीम गठित करने के निर्देश दिए, ताकि इस कार्य को जल्द पूरा किया जा सके और पुनर्निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सकें। इस दौरान आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय के साथ ही अन्य अधिकारियों ने आनलाइन बैठक से जुड़े।