राज्‍य ब्‍यूरो, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य से मिलने पहुंचने और फिर दोनों के बीच नाश्ते की टेबल पर करीब एक घंटे तक हुई बातचीत ने शनिवार को सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। अचानक हुई इस मुलाकात के तमाम तरह के निहितार्थ निकाले जाने लगे। हालांकि, बाद में मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री ने साफ किया कि यह शिष्टाचार भेंट थी। कहीं भी किसी प्रकार की कोई नाराजगी वाली बात नहीं है।

शनिवार सुबह मुख्यमंत्री धामी अचानक यमुना कालोनी स्थित कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के आवास पर पहुंचे। आर्य ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और फिर दोनों ने आवास में नाश्ता किया। इस दौरान उनके बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। अचानक हुए इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। चर्चा ये भी रही कि कैबिनेट मंत्री आर्य किसी विषय को लेकर नाराज हैं और इसी सिलसिले में बातचीत के लिए मुख्यमंत्री उनके आवास पर पहुंचे। सियासी गलियारों में कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से उछाले गए राज्य को अनुसूचित जाति का मुख्यमंत्री देने संबंधी बात से भी जोड़कर देखा जाने लगा।

हालांकि, कैबिनेट मंत्री आर्य सियासत के परिपक्व खिलाड़ी हैं और वह किसी भी तरह की बयानबाजी से हमेशा बचते रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री के कैबिनेट मंत्री से मिलने को पहुंचने की सूचना मिलते ही वहां मीडियाकर्मियों का भी जमावड़ा लग गया। बाद में मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री बाहर आए तो उन्होंने साफ किया कि यह शिष्टाचार मुलाकात थी। इसे लेकर कोई निहितार्थ नहीं निकाले जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कहीं कोई गिला शिकवा नहीं है। जब वह छात्र राजनीति में थे, तब से यशपाल आर्य को देखते आ रहे हैं। आर्य से व्यक्तिगत संबंध हैं और समय-समय पर उनसे चर्चा होती रहती है। उन्होंने कहा कि आर्य हमेशा प्रदेश के विकास के लिए जुटे रहते हैं। हाल में उनके द्वारा बाजपुर क्षेत्र के 20 गांवों के निवासियों को मालिकाना हक देने का मसला रखा गया, जिस पर निर्णय हुआ है।

कैबिनेट मंत्री आर्य ने भी कहा कि नाराजगी का कहीं से कोई प्रश्न नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के कार्यकत्र्ता हैं और पार्टी जो जिम्मेदारी देती है, उसका निर्वहन करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा परिवार है और परिवार में आना-जाना लगा रहता है। हम एक परिवार के लोग हैं तो बातें व विमर्श भी होता है। मुख्यमंत्री आए तो उनसे कई बिंदुओं पर चर्चा भी हुई। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के अनुसूचित जाति का मुख्यमंत्री बनाने संबंधी बयान के बारे में पूछे जाने पर आर्य ने कहा कि रावत बड़े नेता हैं। उनके द्वारा किस अर्थ में ये बात कही गई, ये वही जानें। उन्होंने कहा कि मैं तो छोटा सा कार्यकर्त्ता हूं।

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Edited By: Sunil Negi