देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में राजस्व विभाग की समस्त जमीनों का हवाई सर्वे किया जाएगा। इससे वास्तविक कृषि भूमि और वन भूमि के संबंध में जानकारी मिल सकेगी। डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉर्डनाइजेशन कार्यक्रम के तहत यह सर्वे किया जाएगा। इसकी शुरुआत अल्मोड़ा व पौड़ी से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी।

सोमवार को सचिवालय में राजस्व विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण एवं फर्जी रजिस्ट्री के मामलों को रोकने के लिए सब रजिस्ट्रार व राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से काम करना होगा। म्यूटेशन के मामलों में कम से कम समय लिया जाए। इस बात का विशेष ध्यान दिया जाए कि इसे आमजन को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समेकित राजस्व संहिता तैयार करने के निर्देश भी सचिव राजस्व को दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में तेजी लाए जाए। विभाग के लिए जहां पदों की आवश्यकता है उन्हें अविलंब भरने की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विशेष अभियान भी चलाया जा सकता है। 

 समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी जिलाधिकारियों को नियमित रूप से अदालत लगाने तथा तहसील दिवसों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी प्रत्येक माह जिले के सभ्रांत नागरिकों से वार्ता करें, इससे प्रशासनिक व अन्य समस्याओं का समाधान करने में मदद मिलेगी। 

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उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रत्येक सोमवार को अपने कार्यालयों में उपस्थिति होकर जनसमस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंगलवार को परगना अधिकारी तथा बुधवार को खंड विकास अधिकार अपने कार्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए जनसमस्याओं का निस्तारण करेंगे। तहसील दिवस पर बड़ी संख्या में आमजन अपनी पीड़ा को रखते हैं जिनमें से अधिकांश का मौका पर ही निस्तारण किया जा सकता है।

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