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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand News: उत्तराखंड में आसमान से बरसी आफत, एक घंटे के अंदर हुई 140 मिमी बारिश; पानी में बह गई कारें

By Jagran NewsEdited By: Swati Singh
Published: Wed, 09 Aug 2023 08:07 AM (IST)

Uttarakhand उत्तराखंड़ में आसमान से आफत बरस रही है। बादल फटने से प्रदेश में तबाही का मंजर देखने को मिला। ...और पढ़ें

उत्तराखंड में आसमान से बरसी आफत, एक घंटे के अंदर हुई 140 मिमी बारिश; पानी में बह गई कारें
उत्तराखंड में आसमान से बरसी आफत, एक घंटे के अंदर हुई 140 मिमी बारिश; पानी में बह गई कारें

देहरादून, जागरण संवाददाता। उत्तराखंड में भारी बारिश से आफत आ गई है। सड़कें लबालब पानी से भर गई है। आइटी पार्क और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार रात आसमान से आफत बरसी। रात करीब दो घंटे लगातार हुई भारी वर्षा से क्षेत्र में खासा नुकसान हुआ है। आईटी पार्क से कैनाल रोड जाने वाले मार्ग पर धोरणखास में बादल फटने से आसपास के क्षेत्रों में आपदा आ गई।

रात को एक ही घंटे में इस क्षेत्र में करीब 140 मिमी वर्षा हुई। जबकि, रात भर में सहस्रधारा रोड क्षेत्र में 251 मिमी वर्षा रिकॉर्ड दर्ज की गई। भारी वर्षा के कारण स्वास्थ्य महानिदेशालय जाने वाला मार्ग बह गया और एक पुलिया टूटने से आवाजाही बंद हो गई। डांडा लखौंड में कई पुस्ते ढह गए। विद्युत पोल और पेयजल लाइनों को भारी नुकसान पहुंचा।

बह गए पांच वाहन

गढ़वाल राइफल हास्टल की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। क्षेत्रीय पार्षद अभिषेक पंत ने बताया कि भद्रकाली मंदिर को जाने वाले मार्ग का पुस्ता धंस गया और आबकारी गोदाम की दीवार ढह गई। एचएसआर होटल के पास विद्युत ट्रांसफार्मर नाले के उफान में बह गया। सोमवार रात आईटी पार्क के पास आए रपटे में एक बोलेरो समेत पांच वाहन बह गए। मंगलवार सुबह रायपुर विधायक उमेश शर्मा ने भी आपदाग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण किया।

एक घंटे में 100 मिमी से अधिक वर्षा  

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि एक निश्चित स्थान पर एक घंटे के भीतर 100 मिमी से अधिक वर्षा होने पर इसे बादल फटना कहा जाता है। क्षेत्र में लगाए गए रेन गेज सिस्टम ने सोमवार रात को धोरणखास में तीन घंटे में 251 मिमी वर्षा दर्ज की, जिसमें से 140 मिमी एक घंटे के भीतर हुई।

मानसून का कहर

भारी वर्षा के चलते रायपुर क्षेत्र में उफनाए बरसाती नाले में आईटी पार्क से नालापानी को जोड़ने वाले बाईपास का लगभग 150 मीटर हिस्सा और पुलिया बह गए। इससे स्वास्थ्य महानिदेशालय समेत तपोवन क्षेत्र के लिए वाहनों की आवजाही ठप हो गई।

आपदाग्रस्त क्षेत्र में युद्धस्तर पर व्यवस्था बनाई जाए

डीएम सोनिका ने डांडा लखौंड, आइटी पार्क समेत आसपास के क्षेत्र में भारी वर्षा से आई आपदा का निरीक्षण किया। आइटी पार्क, डांडा लखौंड, सहस्रधारा रोड में पुलिया, सड़क, पुस्ते आदि क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में युद्धस्तर पर कार्य करते हुए व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने सोमनाथ नगर, नीरू बस्ती, आइटी पार्क से लगे क्षेत्र, डांडा लखौंड, वार मैमोरियल स्कूल के क्षतिग्रस्त हुए पुस्ते, सड़क, स्कूल के क्षतिग्रस्त ग्राउंड दीवार का भूमि का निरीक्षण किया। आंगणन तैयार करने और बाढ़ सुरक्षा से बचाव के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

सहस्रधारा-चामासारी मार्ग दूसरे दिन भी बंद पहाड़ी दरकने से बंद सहस्रधारा-चामासारी मार्ग दो दिन से बंद पड़ा है। जेसीबी से मार्ग न खोल पाने के कारण लोनिवि ने पोकलैंड से मार्ग खुलवाने की बात कही है, लेकिन इसमें भी दो से तीन दिन लगने की आशंका है। इस दौरान पूरे क्षेत्र के आठ से 10 गांवों के लोग कैद हैं और रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए भी प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया आपदाग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार देर रात को भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के बदरीनाथ कॉलोनी, पथरिया पीर, कैनाल रोड, राजीव नगर कंडोली, काठबंगला, चामासारी आदि क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि जहां भी सुरक्षा दीवार की आवश्यकता है वहां शीघ्र निर्माण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिनका नुकसान हुआ है आपदा मद में शीघ्र एस्टीमेट बनाकर उन्हें राहत राशि दी जाए।

आपदा में ऊर्जा निगम को 12 लाख रुपये का नुकसान

दून में भारी वर्षा के कारण ऊर्जा निगम को भी लाखों का नुकसान हुआ है। मालदेवता और आइटी पार्क क्षेत्र में विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे निगम को करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आइटी पार्क क्षेत्र में 33 केवी के तीन पोल बह गए। जबकि, 11 केवी के दो डबल और दो सिंगल पोल बह गए। क्षेत्र में एलटी लाइन का भी एक सिंगल पोल बह गया। इसके अलावा 100 केवीए का एक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा मालदेवता क्षेत्र में 11 केवी के तीन डबल पोल और सात सिंगल पोल ढह गए। जबकि एलटी लाइन के पांच पोल उखड़ गए।