देहरादून, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पूरे प्रदेश में सोमवार को भी सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक की रियायत जारी रहेगी। उधर, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और डीजीपी अनिल रतूड़ी ने लॉकडाउन के दौरान सभी ठेकेदारों को अपने मजदूरों का वेतन न रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उनको पहले से ही तय वेतन दिया जाए। उन्होंने मकान मालिकों से भी मजदूरों व छात्रों से किराया न लेने और मकान खाली न कराने के भी निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान खाद्य वस्तुओं की कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर भी सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान निर्माण कार्य भी जारी रखे जा सकते हैं।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोरोना व लॉकडाउन को लेकर व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी अपने जनपद में चिकित्सा व्यवस्था की क्षमता बढ़ाएं। दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बाजार में खाने पीने की वस्तुओं की कमी न रहे और दामों पर नियंत्रण रखा जाए। इस पर निगरानी रखी जाए।

आवश्यक सामग्री लाने वाले वाहनों की आवाजाही बनी रहे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वे निर्माण कार्य भी कराए जा सकते हैं, जिनके लिए कच्चे मॉल की उपलब्धता आसानी से हो रही है। उन्होंने नेपाल तथा अन्य राज्यों के मजदूरों के संबंध में कहा कि जब तक विदेश मंत्रलय व केंद्र सरकार से आदेश नहीं मिलते तब तक जो मजदूर जहां काम कर रहा है वहीं बने रहें। उन्होंने प्रशासन को उसी स्थल पर जरूरी खाद्य सामग्री एवं आवश्यक वस्तुओं की भी व्यवस्था करने को कहा।

इस दौरान पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराया जाए। ठेकेदार मजदूर को नियत वेतन दें और मकान मालिक अभी किरायेदार से किराया न लें। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो सम्बन्धित नियोक्ता (ठेकेदार) के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार भी मौजूद थे।

30 हजार श्रमिकों को आज से बड़ी राहत

कोराना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए घोषित लॉकडाउन के इस दौर में राज्य के उन 30 हजार श्रमिकों को बड़ी राहत मिलने जा रही है, जिनके पूर्व में हुए प्रशिक्षण के मानदेय की धनराशि श्रम विभाग के पास लंबित थी। इन श्रमिकों में 19 हजार महिलाएं भी हैं, जिनके बैंक खातों के पांच-पांच हजार और अन्य के खातों में 2300-2300 की रकम भेजी जाएगी। यह सिलसिला सोमवार से प्रारंभ होगा। 

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श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने बताया कि पूर्व में विभाग द्वारा सन्निर्माण एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड के तत्वावधान में पंजीकृत श्रमिकों के परिवारों की 19 हजार महिलाओं को सिलाई-बुनाई आदि का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए पांच-पांच हजार रुपये के मानदेय का प्रविधान रखा गया था। इसके अलावा श्रमिकों के कौशल विकास केमद्देनजर पूर्व में लगभग 11 हजार श्रमिकों को मिस्त्री आदि का प्रशिक्षण दिया गया था। इसमें हर प्रशिक्षणार्थी को 2300-2300 की राशि बतौर मानदेय दी जानी थी। पूर्व में इन दोनों प्रशिक्षणों के लाभार्थियों को मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया था। उन्होंने बताया कि सोमवार से इन सभी 30 हजार श्रमिकों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए मानदेय का भुगतान भेजना शुरू कर दिया जाएगा।

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