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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chardham Yatra 2023: श्रद्धालुओं में भारी उत्‍साह, चार दिन में ही एक लाख के करीब पहुंचा पंजीकरण का आंकड़ा

By Nishant kumarEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sat, 25 Feb 2023 06:10 AM (IST)Updated: Sat, 25 Feb 2023 06:37 AM (IST)

Chardham Yatra 2023 Online Registration शुरु हुई आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में चौथे दिन ही यात्रियों का आंकड़ा एक लाख के ...और पढ़ें

Chardham Yatra 2023: आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में चौथे दिन ही यात्रियों का आंकड़ा एक लाख के करीब पहुंच गया है।
Chardham Yatra 2023: आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में चौथे दिन ही यात्रियों का आंकड़ा एक लाख के करीब पहुंच गया है।

जागरण संवाददाता, देहरादून : Chardham Yatra 2023: चारधाम यात्रा के लिए बदरीनाथ व केदारनाथ धाम के लिए शुरु हुई आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में चौथे दिन ही यात्रियों का आंकड़ा एक लाख के करीब पहुंच गया है।

बीते मंगलवार से बदरीनाथ व केदारनाथ धाम के लिए आनलाइन पंजीकरण शुरु किए गए। शुक्रवार शाम छह बजे तक 97 हजार यात्री आनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं।

पहले दिन रिकार्ड 31382 यात्रियों ने कराया था पंजीकरण

चारधाम यात्रा के लिए प्रशासन ने आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरु कर दी है। पहले चरण में बदरीनाथ व केदारनाथ धाम के लिए पंजीकरण मंगलवार से शुरु हुए हैं। मंगलवार को पहले दिन रिकार्ड 31382 यात्रियों ने पंजीकरण कराया था।

आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरु होने के बाद से ही यात्री निरंतर पंजीकरण करवा रहे हैं। आनलाइन पंजीकरण के शुरुआती चार दिनों में दोनों धामों के लिए 97 हजार यात्रियों ने आनलाइन पंजीकरण कराया है। इसमें 53223 केदारनाथ व 43702 बदीनाथ धाम के लिए पंजीकरण हुए हैं।

गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुलने की अधिकारिक घोषणा नहीं हुई

गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। गंगोत्री, यमुनोत्री व हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा के बाद इन धामों के लिए भी आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरु की जाएगी।

चारधाम और यात्रा पड़ावों पर ड्रोन से भी निगरानी

उत्तराखंड की आर्थिकी से जुड़ी महत्वपूर्ण चारधाम यात्रा 22 अप्रैल से प्रारंभ होनी है। यात्रा को लेकर जिस तरह का उत्साह दिख रहा है, उसे देखते हुए सरकार ने अभी से तैयारियों में जुट गई है, ताकि यह सुगम व सुरक्षित हो सके।

इसी कड़ी में चारों धामों के साथ ही प्रमुख यात्रा पड़ावों पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी करने की तैयारी है। भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत इस विषय को लेकर उच्च स्तर पर गंभीरता से मंथन चल रहा है। जल्द ही इस सिलसिले में अंतरविभागीय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें ड्रोन से निगरानी की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

चारधाम यात्रा में इस बार पिछली बार की अपेक्षा अधिक तीर्थ यात्रियों के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। चारधाम यात्रा के शुरू किए गए पंजीकरण से भी यह संकेत मिल रहे हैं। चार दिन में ही बदरीनाथ व केदारनाथ धामों के लिए 97 हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।

गंगोत्री व यमुनोत्री धामों के लिए अभी पंजीकरण प्रारंभ नहीं हुए हैं। यही नहीं, गढ़वाल मंडल विकास निगम के पास ही चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े गेस्ट हाउस व हट आदि के लिए अब तक ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा की बुकिंग आ चुकी है। इस सबको देखते हुए यही अंदाजा लगाया रहा है कि यात्रा इस बार भी नए प्रतिमान गढ़ेगी।

इस सबके के मद्देनजर भीड़ प्रबंधन की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इस कड़ी में चारों धामों के साथ ही इनके सभी प्रमुख पड़ावों पर ड्रोन पर लगे कैमरों के माध्यम से निगरानी को लेकर उच्च स्तर पर गहनता से मंथन चल रहा है।

सूत्रों के अनुसार ड्रोन के उपयोग के मद्देनजर आइटीडीए, एनआइसी जैसी संस्थाओं से शीघ्र ही बातचीत होगी। फिर इसका खाका खींचकर पर्यटन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस समेत अन्य विभागों की बैठक होगी। सूत्रों ने बताया कि ड्रोन से निगरानी होने पर धामों के साथ ही पड़ावों में यात्रियों की संख्या का अनुमान लग सकेगा। यदि किसी पड़ाव में यात्रियों की संख्या अधिक नजर आती है तो प्रबंधन के दृष्टिकोण से कदम उठाए जाएंगे।